6 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Bhopal news: ‘मैं दर्द सही कर दूंगा…’, फेजियोथेरेपिस्ट ने बुजुर्ग को सुनाई झूठी कहानी, ठग लिए 4 लाख रूपए

Online Fraud: नकली फिजियोथेरेपिस्ट ने 64 वर्षीय बुजुर्ग को बिना ऑपरेशन घुटने का दर्द ठीक करने का झांसा देकर ठग लिया।
2 min read
Google source verification
Online Fraud: नकली फिजियोथेरेपिस्ट बनकर करी ठगी (Photo Source - freepik)

Online Fraud: नकली फिजियोथेरेपिस्ट बनकर करी ठगी (Photo Source - freepik)

Bhopal news:एमपी के भोपाल शहर में नकली फिजियोथेरेपिस्ट बनकर बुजुर्ग से 4 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। जालसाज ने खुद को फेजियोथेरेपिस्ट बताकर 64 साल के बुजुर्ग को घुटने का दर्द बिना ऑपरेशन ठीक करने का झांसा दिया था। इलाज के नाम पर उसने पहले 4 लाख रुपए लिए। फरियादी ने जालसाज को 6 लाख रुपए का चेक भी दिया था, लेकिन समय रहते ठगी की आशंका होने पर उन्होंने चेक ट्रांसफर होने से रुकवा दिया, जिससे यह रकम बच गई। जांच में आया है कि यह गुजरात के अहमदाबाद में इसी तरह का गिरोह बुजुर्गों को निशाना बनाकर ठगी कर चुका है।

ऐसे शुरू हुई ठगी

सायबर पुलिस ने बताया, सनसिटी निवासी 64 वर्षीय दीपरत्न सक्सेना बिट्टन मार्केट सब्जी मंडी गए थे। वहां एक युवक ने उनके घुटने के दर्द को देखकर बातचीत शुरू की। उसने बताया, पिता भी इसी बीमारी से परेशान थे, लेकिन एक विशेषज्ञ के इलाज से पूरी तरह ठीक हो गए। उसने खुद को फिजियोथेरेपिस्ट बताने वाले आशीष आचार्य का मोबाइल नंबर दिया था।

घुटने में लगाया था चीरा

दो दिन बाद आशीष आचार्य पीड़ित के घर पहुंचा। उसने बिना ऑपरेशन घुटने का दर्द ठीक करने का दावा किया। आरोपी ने इलाज के बहाने घुटने पर ब्लेड से छोटा चीरा लगाया और एक उपकरण की मदद से थोड़ा तरल पदार्थ निकालकर उसे शरीर का जहरीला तत्व बताया था। फिर कहा इस प्रक्रिया से ही बीमारी ठीक होगी।

चार लाख दिए एडवांस

आरोपी ने इलाज के नाम पर कुल 10 लाख रुपये मांगे। बुजुर्ग की पत्नी ने एडवांस के नाम पर 4 लाख रुपए नकद दे दिए। वहीं 6 लाख रुपए का चेक दिया। रुपए मिलने के बाद जब आरोपी की बातों पर शक होने पर तुरंत बैंक से चेक का भुगतान रुकवा दिया, जिससे 6 लाख बच गए।

एटीएम व मोबाइल लिए, खाते से निकाले 40 हजार

एक अन्य मामले में लोन दिलाने के नाम पर ठग ने हबीबगंज निवासी अनूप शर्मा का एटीएम और मोबाइल लेकर खाते से 40 हजार निकाल लिए। अनूप ने पुलिस को बताया, उनके परिचित रितेश मीणा ने बैंक से लोन दिलाने का भरोसा दिलाया था। लोन की प्रक्रिया पूरी करने के बहाने उसने सोमवार को लालघाटी चौराहे पर बुलाया और एटीएम कार्ड और मोबाइल यह कहकर ले लिया, लोन की प्रक्रिया पूरी करनी है। जब एटीएम और मोबाइल वापस नहीं किया तो शक हुआ। जांच में पता चला कि उनके खाते में किसी ने 50 हजार रुपए जमा किए थे।

इसके तुरंत बाद 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। बैंक अधिकारियों ने बताया, यह रकम किसी लोन की नहीं, बल्कि किसी निजी व्यक्ति द्वारा भेजी गई फ्रॉड राशि थी। जांच में पता चला, आरोपी रितेश मीणा इसी तरह कई लोगों को लोन का झांसा देकर उनके एटीएम कार्ड और मोबाइल अपने पास रख लेता है। बाद में इन खातों का इस्तेमाल सायबर ठगी की रकम जमा करने और निकालने के लिए करता है।