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MP News: एमपी में जनता पर महंगाई की एक और मार, बस का सफर हुआ महंगा

MP Bus Fare Hike: परिवहन विभाग ने 75 पैसे प्रति किमी की दर से बढ़ाया किराया, अब दो रुपये प्रति किमी किराया लगेगा, बस ऑपरेटर्स की हड़ताल की चेतावनी के बाद फैसला।
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mp bus fare hike new ticket rates madhya pradesh transport 2026, प्रतीकात्मक तस्वीर (Source-Patrika File)

MP Bus Fare Hike:मध्यप्रदेश की जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ी है, मध्यप्रदेश में बसों के किराये में बढ़ोतरी की गई है और इस बढ़ोतरी के बाद अब बस में सफर करने पर दो रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया देना होगा। बस ऑपरेटर्स की हड़ताल की चेतावनी के बाद मध्यप्रदेश परिवहन विभाग ने बसों के किराए में 75 पैसे प्रति किमी की बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने बढ़े हुए किराए का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

100 किमी के सफर का किराया होगा 200 रुपये

परिवहन विभाग के द्वारा बसों के किराये में 75 पैसे प्रति किमी की बढ़ोत्तरी किए जाने के बाद अब 100 किमी के सफर का किराया 200 रुपये देना होगा। पहले 100 किमी तक के सफर के लिए यात्रियों को 125 रुपये किराया चुकाना पड़ता था। बता दें कि दो दिन पहले बस ओनर्स एसोसिएशन के साथ परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने बैठक की थी और इस बैठक के बाद इस तरह के संकेत दिए गए थे कि जल्द ही बसों के किराये में बढ़ोत्तरी की जाएगी।

बस ओनर्स एसोसिएशन का ऐलान

बता दें कि बीते दिनों सागर में बस ओनर्स एसोसिएशन की बैठक हुई थी, इस बैठक में मप्र बस ओनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने निर्णय लिया था कि 8 अगस्त तक अगर उनकी 8 सूत्रीय मांगें शासन ने नहीं मानीं तो प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। तब एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा था शासन से पिछले 5 साल से किराया वृद्धि की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

बस ऑपरेटर्स की प्रमुख मांगें

  • बस मालिकों ने कहा कि वर्ष 2021 में डीजल का भाव 69 रुपए प्रति लीटर था, जो अब बढ़कर 100 के पार पहुंच गया है। शासन स्तर पर दो बार की बैठकें होने के बाद भी किराए पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पड़ोसी राज्यों में करीब 2 रुपये प्रति किमी की दर से वृद्धि की गई।
  • 7 जुलाई 2026 को जारी राष्ट्रीयकरण से संबंधित राजपत्र का प्रकाशन तत्काल वापस लिया जाए। इस नीति से निजी बस चालकों व उनकी आने वाली पीढ़ी का भविष्य और रोजगार प्रभावित हो रहा है, अत: इसे रोका जाए।
  • टेंडर प्रक्रिया के जरिए बस चालकों से रायल्टी वसूलने की तैयारी को बंद किया जाए। 6 जुलाई 2026 को प्रकाशित टेंडर को तत्काल निरस्त किया जाए।
  • परिवहन विभाग द्वारा पूर्व में पंजीकृत सभी वाहनों को पूर्ण वैध माना जाए और उन पर कोई कार्रवाई न की जाए। बनकर तैयार खड़ी करीब 1200 नई बसों का अविलंब पंजीकरण किया जाए।
  • मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 110 (3) के तहत राज्य सरकार अपनी शक्तियों का प्रयोग करे। केंद्र सरकार के कड़े नियमों से बस चालकों को रियायत दे।
  • परिवहन सचिव के निर्देशों के बाद भी आरटीओ अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं आते, बस मालिकों के कार्य भी नहीं करते। बस ऑपरेटर्स का शोषण बंद किया जाए।
  • बसों के संचालन और परमिट जारी करने के लिए 15 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा का नियम समाप्त किया जाए। केंद्रीय मोटर यान अधिनियम के अनुसार जब तक वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र वैध है, तब तक परमिट जारी रखा जाए।
  • अंतरराज्यीय मार्गों पर आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर किया जाए। अंतरराज्यीय परमिटों को नियमित एवं स्थायी रूप से जारी किया जाए।