भोपाल

RTO में सौरभ शर्मा की नौकरी 2 बार टली, अफसरों से ज्यादा था ‘धनकुबेर’ का दबदबा

MP News: तीन दिन पहले लोकायुक्त की टीम ने भोपाल से आरटीओ के ग्वालियर मुख्यालय आकर इसकी पड़ताल भी की है।

2 min read
Dec 27, 2024
Saurabh Sharma

MP News: परिवहन विभाग (आरटीओ) के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा की काली कमाई के साथ अब आरटीओ में उसकी नौकरी का मसला भी जोर पकड़ रहा है। तीन दिन पहले लोकायुक्त की टीम ने भोपाल से आरटीओ के ग्वालियर मुख्यालय आकर इसकी पड़ताल भी की है। टीम यहां से सौरभ का नियुक्ति पत्र और उसकी मां उमा शर्मा का शपथ पत्र भी ले गई है। इस दौरान टीम को बताया गया था कि सौरभ को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए प्रशासन तैयार ही नहीं था।

दो बार उसका आवेदन कलेक्टर दफ्तर से लौटा भी दिया गया था, लेकिन सौरभ के कुछ रसूखदार हितैषियों ने दबाव बनाया था। उसके बाद अनुकंपा नियुक्ति की फाइल आगे बढ़ी थी। सौरभ की परिवहन विभाग में नियुक्ति को लेकर तमाम बार सवाल उठे लेकिन किसी को कभी जवाब नहीं मिला। इसलिए बात ठंडी हो गई और महकमे में सौरभ का रसूख अफसरों से ज्यादा हो गया।

कंपनी के लेखे जोखे पर ताले

चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और रोहित तिवारी के नाम से बनाई गई अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी का लेखा जोखा भी गड़बड़ है। कंपनी में करीब दस लाख रुपए की शेयर की पूंजी बताई गई है। लेकिन बैलेंस शीट में शेयर कैपिटल, रिर्जव सरप्लस, उधारी, कुल संपति सहित खातों में कोई लेखा जोखा दर्ज नहीं है।


साला तीसरा डायरेक्टर

सौरभ ने परिवहन विभाग में सात साल की नौकरी में कुल कितनी काली कमाई की है पूरा हिसाब सामने नहीं आया है। अभी तो जो सपंत्तियां मिली हैं इनमें ज्यादातर में उसके रिश्तेदार के अलावा दोस्त चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल मालिक है। काली कमाई को खपाने के लिए सौरभ ने अविरल कंस्ट्रक्शन कंपनी भी बनाई है।

इसका रजिस्ट्रेशन ग्वालियर से कराया है। इसमें सौरभ ने चेतन और शरद के अलावा साले रोहित तिवारी को भी अतिरिक्त डायरेक्टर बनाया है। इसके अलावा रोहित तिवारी को ओमेगा रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर ओर, इंस्टेंट यूआर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का मैनेजिंग डायरेक्टर भी बताया गया है

Published on:
27 Dec 2024 12:20 pm
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