भोपाल

पीथमपुर बना आधुनिक उद्योगों का नया हब, 850 करोड़ के निवेश से शुरू हुए दो बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

Pithampur Optical Fiber Plant--मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीथमपुर में 2 अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों का किया शुभारंभ...।
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Aug 20, 2026
Pithampur Industrial Park
Pithampur Industrial Park- केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने पीथमपुर में 2 इकाइयों का शुभारंभ किया।

Pithampur Optical Fiber Plant- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 850 करोड़ रुपये निवेश की प्रताप ग्रुप की 2 अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों कॉर्सिस इंडस्ट्रीज एवं वोल्टर्स टेक्नोलॉजी का शुभारंभ किया। इन इकाइयों से सैकड़ों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने कहा कि आज के समय में युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और मध्यप्रदेश भी युवा शक्ति से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों की स्थापना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कदम है। जर्मन तकनीक के सहयोग से स्थापित हो रही ये इकाइयां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की तकनीक और उत्पादन क्षमता का केंद्र बनेंगी। इन उद्योगों के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण भी मिलेगा और उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में युवाओं के प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इन औद्योगिक गतिविधियों प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावना है, इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ें, जिससे प्रदेश की आर्थिक समृद्धि को नई गति मिल सके।

हर क्षेत्र में उद्योगों को सरकार का सहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार उद्योगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए सरकार द्वारा प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का वातावरण लगातार बेहतर हो रहा है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत बोले - भारत की बदलती औद्योगिक तस्वीर

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पीथमपुर में बैटरी स्टोरेज प्लांट देश की बढ़ती ग्रीन एनर्जी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जबकि ऑप्टिकल फाइबर इकाई डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार अधोसंरचना को मजबूती देगी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया कि इस समूह के विभिन्न प्रयासों से लगभग 30 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार मिल रहा है। समूह द्वारा स्थापित कौशल विकास केंद्रों में वर्तमान में 2 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और आने वाले समय में लगभग 5 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्याप्त बिजली, जल, कच्चा माल, बेहतर सड़क एवं लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना तथा निवेश अनुकूल नीतियों के कारण औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक हैं।

केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए की जा रही पहल से बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने विश्वास व्यक्त किया कि पीथमपुर की दोनों इकाइयां मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल अधोसंरचना को नई गति देंगी तथा विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करेंगी।

एक नजर

पीथमपुर के प्लॉट नं. 98 पर कोर्सिस इंउस्ट्रीज द्वारा अत्याधुनिक आप्टिकल फाईवर मैन्युफेक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।
लगभग 8,067 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर है।
इकाई से लगभग 300 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नये अवसर मिले है।

इस संयंत्र में निर्मित ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी, 5जी नेटवर्क, एफटीटीएच, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, रक्षा एवं अन्य रणनीतिक संचार अवसंरचना में किया जाएगा। यह परियोजना डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों को गति प्रदान करेगी।

वाल्टर्स टेक्नोलॉजिस प्रायवेट लिमिटेड लगभग 20,505 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 3 GWh है तथा इससे लगभग 250 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।

संयंत्र में इंडस्ट्री 4.0 आधारित स्वचालन एवं रोबोटिक असेंबली लाइन का उपयोग किया गया है। यह इकाई रिन्युएबल एनर्जी इंटीग्रेशन, कामर्सियल एवं इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस तथा भारत के क्लिन एनर्जी ट्रांजिशन।

Updated on:
20 Aug 2026 07:57 pm
Published on:
20 Aug 2026 07:46 pm