
MP News : डिजिटल सेंधमारी के बढ़ते मामलों के बीच मध्य प्रदेश पुलिस ने खुद के लिए एक सुरक्षित वीडियो क्युनिकेशन प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसका नाम अ-हा (A-HA) दिया गया है। दरअसल, इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल आम नागरिक नहीं कर सकते, बल्कि सिर्फ पुलिस महकमें के अधिकारी और कर्मचारी इंटरनल रूप से करेंगे।
इस प्लेटफॉर्म में सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, ऑनलाइन मीटिंग सहित विभिन्न सुविधाएं दी गई है। खास बात ये है कि, इस का सर्वर और डेटा का पुलिसिंग में कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस्तेमाल होगा। साथ ही, इसका नियंत्रण भी पूरी तरीके से पुलिस के पास ही रहेगा। यानी डिजिटल सेंधमारी की कोई गुंजाइश नहीं रहने वाली है।
ये एक क्लाउड आधारित एचडी वीडियो कॉन्फ्रेंस और कोलैबोरेशन एप्लीकेशन है, जिसे मध्य प्रदेश पुलिस के उपयोग के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पुलिस मुख्यालय, रेंज, जोन, जिला और थाना स्तर तक अधिकारियों को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। ताकि बैठकों, समीक्षा, प्रशिक्षण और आपातकालीन समन्वय के लिए अलग - अलग व्यावसायिक ऐप्स पर निर्भरता न रह सके।
वहीं, इस संबंध में जानकारी देते हुए रेडियो पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया कि, पुलिस ने अपना क्यूनिकेशन ऐप विकसित किया है। खास बात ये है कि, एप का पूरा नियंत्रण पुलिस के पास ही रहेगा। हमारा फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा इसका इस्तेमाल किया जाए। आगे आवश्यकता के हिसाब से और भी बदलाव किए जाते रहेंगे।
अभी तक ज्यादातर मीटिंग जूम सहित अन्य ऐप के जरिए होती थी, लेकिन पुलिस के कई विंग लगातार सीक्रेट ऑपरेशन चलाते हैं। एटीएस-एसटीएफ बड़े संगठित अपराधों के खिलाफ ऑपरेशन चलाती है। ऐसे में इन शाखाओं में भी अधिकारी रणनीति बनाने के लिए ऑनलाइन मीटिंग करते हैं। ऐसे में दूसरे एप से बातें लीक होने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस रेडियो द्वारा यह ऐप विकसित किया गया।