Bagh Print- पेरिस में बिखरी मध्यप्रदेश के बाग प्रिंट की आभा, विकास आयुक्त अमृत राज के प्रयासों से मिली वैश्विक पहचान
Bagh Print- एमपी के कपड़े विदेशों में भी छा रहे हैं। यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित मेले 'फ़ोयर डे पेरिस' में प्रदेश के विशेष प्रिंट के कपड़ों का खासा आकर्षण है। ये कपड़े 'बाग प्रिंट' के हैं जोकि मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और हस्तशिल्प विरासत का नायाब नमूना है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में इस प्रिंट के कपड़ों ने सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश की पारंपरिक कलाओं को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक प्रभावी कदम साबित हो रहा है। इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि में प्रदेश की विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) अमृत राज की दूरदर्शिता और विशेष प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में हस्तशिल्पियों को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की गई है जिससे मध्य प्रदेश की कला को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
पेरिस में आयोजित 'फ़ोयर डे पेरिस' यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित मेले में शुमार है। यहां एमपी का बाग प्रिंट सभी को लुभा रहा है। पेरिसर के मेले में नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन दे रहे हैं। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा इन्हें चयनित किया गया है।
बाग प्रिंट में प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ठप्पों के माध्यम से कपड़े पर कलाकृतियां उकेरी जाती हैं। विख्यात शिल्पकार बिलाल खत्री जब कपड़ों पर खुद लकड़ी के ठप्पे लगाकर बताते हैं तो लोग हैरत भरी निगाहों से देखते रह जाते हैं। बाग प्रिंट की यह कला 'फ़ोयर डे पेरिस' में आ रहे तमाम अंतरराष्ट्रीय दर्शकों और विशेषज्ञों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी वर्धा खान और प्रथम सचिव माधव आर. सल्फुले ने मेले में भारतीय पवेलियन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं ब्लॉक प्रिंटिंग का अनुभव लिया। भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी वर्धा खान और प्रथम सचिव माधव आर. सल्फुले ने बिलाल खत्री के कौशल की भी सराहना की। दोनों अधिकारियों ने इसे भारतीय संस्कृति का अनमोल हिस्सा बताते हुए मध्यप्रदेश के शिल्पकारों के समर्पण की प्रशंसा की।
राज्य के हस्तशिल्प विभाग ने बाग प्रिंट जैसी दुर्लभ कला का पुनरुद्धार करने में अहम भूमिका निभाई। विकास आयुक्त अमृत राज के प्रयासों से स्थानीय शिल्पकारों को आधुनिक वैश्विक मांग के अनुरूप तकनीकी सहयोग और विपणन के भी खासे अवसर प्राप्त हो रहे हैं।