
भोपाल. रोमांचकारी पर्यटन के लिए मध्यप्रदेश भी पर्यटकों का पसंदीदा बन रहा है। प्राकृतिक और पुरातत्व महत्व के पर्यटन स्थलों के लिए ख्यात प्रदेश में साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने निजी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं। एमपी टूरिज्म बोर्ड ने फरवरी 2023 तक एडवेंचर इवेंट का कैलेंडर तैयार किया है। 23 इवेंट में ट्रैकिंग से लेकर नेशनल पार्क में सफर, वाटर स्पोर्ट्स, स्काइ डाइविंग और एमपी एयरो शो शामिल हैं। शेष @पेज 06
शुरुआत जुलाई से हो चुकी है। एमपी टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर उमाकांत चौधरी बताते हैं कि मप्र में साहसिक खेलों को लेकर पर्यटकों को खासा उत्साह है। इस साल स्काइ डाइविंग का दूसरा सीजन भी लाया जाएगा। पर्यटकों को जल-जंगल, सड़क समेत आसमान से रोमांच का अनुभव होगा।
सितंबर में बाइकिंग टूर ट्रेल होगी। इसमें बाइकर्स खजुराहो, बांधवगढ़, अमरकंटक, कान्हा, पेंच, तामिया, सागर से खजुराहो तक का सफर तय करेंगे। पेंच नेशनल पार्क में टूर द मोगलीलैंड साइकिल सफारी और आठ से दस अक्टूबर के बीच फोर्सिथ ट्रेल आयोजित होगी। अक्टूबर में ही सतपुड़ा ऑन साइकिल इवेंट में सैलानी यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारेंगे। नवंबर में पांच नेशनल पार्क में टाइग्रेस ऑन ट्रेल का आयोजन प्रस्तावित है।
पानी, आसमान की सैर
नवंबर में निमाड़ उत्सव के तहत महेश्वर में वाटर स्पोर्ट्स और हैरिटेज वॉक का आयोजन होगा। स्काई डाइविंग के सेकंड एडिशन के तहत भोपाल, उज्जैन में इवेंट होगा। दिसंबर या जनवरी 2023 में एयरो स्पोर्ट्स फेस्टिवल की भी तैयारी है। जनवरी 2023 में पचमढ़ी की चंपक लेक में वाटर टूरिज्म फेस्ट और नौ फरवरीको मोस्ट डिफिकल्ट मैराथन आयोजित होगी।
जंगल को जानेंगे
ट्रैकिंग के मुरीद पर्यटकों के लिए पचमढ़ी के जम्बूद्वीप ट्रैक पर रविवार 10 जुलाई को भी ट्रैकिंग गतिविधि होगी। संगम ट्रैक पर 16 से 17 जुलाई और पेंसी ट्रैक पर 23 से 24 जुलाई तक ट्रैकिंग फेस्ट होगा।
चौरागढ़ ट्रैक पर 30 से 31 जुलाई तक ट्रैकिंग का आयोजन होगा। देवगढ़ से तामिया और छिंदवाड़ा तक 22 अगस्त को सतपुड़ा की सैर का आयोजन होगा। अगस्त में ही बफर में सफर के जरिये पर्यटक कान्हा नेशनल पार्क में साइकिलिंग करेंगे। इसी महीने 27 से 28 के बीच साइकिल टूर तवा से मढ़ई के बीच होगा।
पातालपानी के लिए आज से चलेगी हेरिटेज ट्रेन
इंदौर. रेलवे रविवार से फिर हेरिटेज ट्रेन शुरू करने जा रहा है। पर्यटक पातालपानी और कालाकुंड के प्राकृतिक नजारे देख सकेंगे। हालांकि उनके रुकने, भोजन की व्यवस्था अब तक रेलवे ने नहीं की है। जब ट्रेन शुरू हुई थी, तब ठहरने के लिए 5 स्विस टेंट लगाने के निर्देश मिले थे। कालाकुंड स्टेशन पर खाने-पीने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य जगमोहन वर्मा ने बताया कि जनवरी 2019 को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि नागेश नामजोशी ने रेलवे मुख्यालय मुंबई में सीएमडी से चर्चा की थी। उस समय कालाकुंड में 5 स्विस टेंट लगाने के साथ ही खानपान की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्यालय से मिले थे, लेकिन इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड की लापरवाही के चलते करीब साढ़े तीन वर्ष में भी टेंट एवं खानपान की सुविधाएं हेरिटेज स्टेशन कालाकुंड को नहीं मिल पाई है। वर्मा ने बताया कि पर्यटक सिर्फ ट्रेन से घूमकर ही आ सकते हैं। आइआरसीटीसी ने रात में रुकने सहित भोजन की व्यवस्था नहीं की है। वर्तमान में केवल छोटास्टॉल लगा है।