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भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट में क्या-क्या है खास बातें, देखें डिटेल्स

Draft of Bhopal Development Plan-2047- मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी कर दिया..। इसमें 2047 को ध्यान में रखकर बनाया गया है...।
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भोपाल

•

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Manish Gite

•

Sep 26, 2026

Draft of Bhopal Development Plan-2047

Draft of Bhopal Development Plan-2047- भोपाल मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी...। (फोटो पत्रिका)

Draft of Bhopal Development Plan-2047- भोपाल का मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। इसके प्रारूप का प्रकाशन शनिवार को कर दिया गया है। नए मास्टर प्लान में शहर के विकास के साथ ही पर्यावरण, रोजगार, यातायात और नागरिक सुविधाओं पर जोर दिया गया है। अब प्रशासन इस ड्राफ्ट पर जनता के दावे और आपत्तियों और सुझावों को आमंत्रित करेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने की मंजूरी दे दी थी। सीएम मोहन यादव ने भी इसी माह मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए अधिकारियों को दे दिए थे।

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल को 2047 का विकास विजन बताते हुए भोपाल विकास योजना 2047 के प्रारूप का प्रकाशन जारी कर दिया। इसमें 61017 हेक्टेयर योजना क्षेत्र, 51 किमी नॉलेज कॉरिडोर, मार्डन इंफ्रास्ट्रक्चर आदि शामिल हैं।

क्या बोले सीएम मोहन यादव

मोहन यादव (MP CM Dr Mohan Yadav) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा है कि गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है। योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।

मास्टर प्लान की खास बातें

पहले 146 गांव थे अब 254 गांवों को भोपाल में जोड़ा जाएगा।
600 से बढ़ाकर एक हजार वर्ग किलोमीटर की सीमाएं भोपाल की हो जाएंगी।
45 लाख लोगों के हिसाब से मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार हुआ है।
51 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा, जिसमें विकास की इबारत लिखी जाएगी।
आम आदमी के लिए हरियाली बढ़ेगी। पेड़ और पार्कों की संख्या बढ़ेगी।
रहवासी भूउपयोग में छोटे दुकानदारों को राहत दी गई है।
12 से 24 मीटर सड़कों पर पड़े व्यापार नहीं खोल सकेंगे।
24 मीटर से बड़ी सड़कों पर बड़े कारोबार हो सकेंगे।