भोपाल

MP में अचानक बिगड़ा मौसम, कई जगह गिरे ओले, इन जिलों में बारिश का अलर्ट

MP Weather Alert: भोपाल सहित राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। इस अचानक बदलाव ने लोगों को भीषण गर्मी से बहुत राहत दिलाई।

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Mar 30, 2026
MP Weather Alert Hailstorm Rain Warning in 31 districts (Patrika.com)

MP Weather Alert: तेज धूप और गर्मी वाली चिलचिलाती दोपहर के बाद, पूरे मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव देखा गया। राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई। इस अचानक बदलाव ने लोगों को भीषण गर्मी से बहुत राहत दिलाई। दोपहर बाद भोपाल,इंदौर, बैतूल, श्योपुर, अनूपपुर के अमरकंटक में तेज हवाओं के बारिश हुई। वहीं मंदसौर, नीमच और राजगढ़ में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट जारी करते हुए 31 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की चेतावनी दी है। साथ ही, चार जिलों के लिए संभावित ओलावृष्टि को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है।

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भोपाल और इंदौर में हुई हल्की बारिश

राजधानी भोपाल में हल्की बूंदाबांदी हुई तो वहीं कई जिलों में तेज पानी बरसा। दोपहर के बाद शाम के समय काले बादल छाए और हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को सुहावना कर दिया। इसके अलावा इंदौर में जिले में भी बारिश दर्ज की गई। इंदौर के एयरपोर्ट क्षेत्र में हुई हल्की बारिश हुई।

मंदसौर, राजगढ़ और नीमच में बारिश के साथ गिरे ओले

मंदसौर जिले के गांधी सागर क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले गिरे जिससे मौसम अचानक ठंडा हो गया। हालांकि, किसान अपनी फसल के लिए चिंता में दिखाई दिए। वहीं, नीमच जिले के रतनगढ़ में ओलावृष्टि के कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। दुकानों के सामने धूप से बचने के लिए लगाए गए त्रिपाल ओले गिरने के कारण फट गए। सड़कों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई दी। नीमच की तरह राजगढ़ में भी तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि देखने को मिली। राजगढ़ के कुरावर इलाके में मक्का के आकार के बड़े साइज के ओले गिरने की खबर सामने आई है। इसके अलावा कई इलाकों में तेज अंधी के हलकी बारिश हुई।

मंदसौर
राजगढ़

अनूपपुर में बरसी राहत की फुहारें

अनूपपुर जिले में दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। हल्की हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई और कुछ ही देर में आसमान काले बादलों से घिर गया। जिले के फुनगा, राजेंद्रग्राम, अमरकंटक, जैतहरी और वेंकटनगर, भालूमाडा क्षेत्र में भी बादल छाए रहे। 5 से 7 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी हुई और सूरज बादलों की ओट में छिप गया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

अमरकंटक

अमरकंटक में आधे घंटे तक हुई बारिश

वहीं, एमपी के तीर्थ स्थल अमरकंटक में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप हुई इस बारिश से बढ़ते तापमान पर विराम लग गया। लगभग आधे से एक घंटे तक रिमझिम से लेकर मध्यम बारिश होती रही। दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तथा शाम करीब 5 बजे के बीच हुई वर्षा के बाद पूरे क्षेत्र में ठंडक और ताजगी घुल गई।अचानक बदले मौसम का आनंद लेने में श्रद्धालु और पर्यटक भी पीछे नहीं रहे। महाराष्ट्र के नासिक और मालेगांव से पहुंचे नर्मदा परिक्रमा वासियों सहित उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ, रीवा, सिंगरौली और पुणे से आए तीर्थयात्रियों ने अमरकंटक के शीतल और मनोहारी वातावरण की सराहना की।

अमरकंटक

मौसम विभाग का अलर्ट

खंडवा, उज्जैन और धार जिले में शाम से बादल छाए हैं और तेज हवा चल रही है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली की भी चेतावनी दी है। बारिश की संभावना भी जताई है। वहीं, शाजापुर में भी बादल छाए और हवा चल रही है। मौसम विभाग ने यहां भी रात में गरज चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है।

अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश की संभावना

भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, श्योपुरकलां, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना जिलों में तेज हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई।

मौसम विभाग की किसानों के लिए सलाह

  • इस अवधि के दौरान सिंचाई, उर्वरक के प्रयोग और कीटनाशक छिड़‌काव से बचें।
  • सब्जी फसलों और बेल वाली फसलों को सहारा/स्टेकिंग प्रदान करें।
  • कटाई किए गए उत्पाद को तिरपाल से ढकें या सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें ताकि जलभराव न हो।
  • नर्सरी और संवेदनशील फसलों को पॉलीथिन/जाल (नेट) से ढककर सुरक्षित रखें।
  • घटना के बाद फसलों का निरीक्षण करें और क्षति के लिए सुधारात्मक उपाय करें।
  • पशुओं को आंधी-तूफान ओलावृष्टि के दौरान सुरक्षित आश्रय में रखें।
  • बिजली कड़कने के समय खुले खेतों में चराई से बचें।

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Published on:
30 Mar 2026 08:37 pm
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