MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर भारत से एक्टिव होकर आगे बढ़े पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कई जिले बारिश में भीग रहे हैं, तो कई जगह ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल […]
MP Weather: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। उत्तर भारत से एक्टिव होकर आगे बढ़े पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कई जिले बारिश में भीग रहे हैं, तो कई जगह ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभागों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है शुक्रवार से अगले 3 दिन के लिए कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन 23-24 फरवरी को फिर बारिश का अलर्ट जारी किया है।
एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसके प्रभाव से 23 फरवरी की शाम से प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों इंदौर, उज्जैन संभाग में बादल छाएंगे। वहीं 24 फरवरी को भोपाल, सीहोर, रायसेन विदिशा और ग्वालियर के साथ ही बुंदेलखंड के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
बारिश के साथ ही कई जिलों में 3040 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी।
23 तारीथ से पहले किसान कटाई कर लें और फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। ओलावृष्टि की छिटपुट संभावना है। इसल
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। यहां जानें कहां कैसा रहेगा मौसम
राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर कलां और शिवपुरी के कुछ इलाकों में ओले गिर सकते हैं।
ग्वालियर, भिंड, दतिया और मुरैना में 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। वहीं बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर, भोपाल, उज्जैन में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। वहीं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर शुरू हो सकता है। वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक की स्थिति रह सकती है।
फरवरी के महीने में ऐसा तीसरी बार है, जब मौसम में बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल के लिए बारिश और ओले काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक हुई बारिश से फसलों के गिरने और दामों में नमी आने का खतरा बढ़ गया है।
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण राज्य के ज्यादातर शहरों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में आज अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 21 फरवरी से मौसम में हल्का बदलाव दिखेगा।
बता दें कि साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी-बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, मंदसौर समेत कई जिलों में ओले भी गिरे। पिछले 2 दिन से प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। उज्जैन के घट्टिया, महिदपुर, उन्हेल सहित कई ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। यहां कई गांवों में खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई। इससे दाने को नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रशासन ने सर्वे भी शुरू कराया है।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो 25 जिलों के करीब 80 शहर और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, उज्जैन, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, भोपाल, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, राजगढ़, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर जिले शामिल हैं।
श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिर गया। वहीं, श्योपुर में आंधी की रफ्तार 63Km प्रतिघंटा रही। भोपाल, सीहोर समेत कई जिलों में तेज आंधी भी चलीं। जिससे लोगों की सुबह फिर से ठिठुरन भरी हो गई है।