
MP Weather : लंबे ब्रेक के बाद मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रीय होने लगा है। फिलहाल, मानसूनी सिस्टम की तीन सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर के चलते बीते 60 घंटों से भोपाल समेत प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी है। कही रुक-रुककर कर तो कहीं लगातार मध्यम से लेकर तेज बारिश का दौर जारी है। इसी बीच मौसम विभाग ने गुरुवार 23 जुलाई 2026 को राज्य के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर मानसून द्रोणिका, ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्व-पश्चिम शियर जोन एक साथ एक्टिव हैं। यही कारण है कि, राज्य के अधिकाश इलाकों में गुजरी 20 जुलाई 2026 की रात से बारिश का दौर लगातार जारी है। इसी बीच आगामी 24 घंटे के दौरान विशेषकर 17 जिलों में तेज बारिश के चलते राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के आलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जबकि, नीमच, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, सीहोर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, भोपाल, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, शाजापुर, मंदसौर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ सामान्य बारिश की संभावना जताई है।
बुधवार को प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला। कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न नजर आईं तो कुछ मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहा। वहीं, बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश से दिन और रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है।
एमपी में इन 3 मौसम प्रणालियों का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपर 7.6 किलोमीटर तक फैला ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सबसे प्रभावी प्रणाली है। इसके साथ बीकानेर से बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय मानसून द्रोणिका लगातार नमी पहुंचा रही है। वहीं पूर्व-पश्चिम शियर जोन ऊपरी वायुमंडल में बादलों को तेजी से विकसित कर रहा है। इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त असर से कई स्थानों पर कम समय में तेज बारिश हो रही है।