
Narottam Mishra - दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की एक बार फिर हार हुई। सोमवार को हुई मतगणना में कांग्रेस को 66757 वोट मिले जबकि भाजपा के खाते में 60741 वोट आए। तीसरे स्थान पर 22527 मतों के साथ आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव रहे। इस प्रकार कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6016 वोटों से जीते। बीजेपी की हार के बाद दतिया के पूर्व विधायक, प्रदेश के पूर्व मंत्री व पार्टी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी सियासी पारी अब खत्म हुई। उन्होंने कहा- "मेरी राजनीति का पटाक्षेप हुआ।" नरोत्तम मिश्रा के इस बयान से सियासी सरगर्मियां बढ़ गईं। दतिया में मिश्रा के बूथ पर भी भाजपा हार गई। बता दें कि दतिया के लिए विधानसभा उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी पर पार्टी ने टिकट नहीं दी। इस पर बहुत बवाल भी मचा था।
बीजेपी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पार्टी के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ पर भी पीछे रहे। उनके बूथ क्रमांक 121 में कांग्रेस को बढ़त मिली। भाजपा को शहरी क्षेत्र में करीब 11131 वोटों से हार का सामना करना पड़ा। शहर में 36 में से 33 वार्ड में पार्टी की पराजय हुई।
हालांकि भाजपा अपना अभेद्य गढ़ 'बसई' बचाने में सफल रही। वहीं यादव बाहुल्य उदगंवा और बसई जैसे ग्रामीण क्षेत्रों से पांच हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली। इन इलाकों में कांग्रेस ने काफी जोर लगाया, लेकिन सफल नहीं हो पाई।
दतिया में हार के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बडा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मेरी राजनीतिक पारी अब खत्म हो गई है। नरोत्तम मिश्रा ने कहा— मेरी राजनीति का अब पटाक्षेप हो गया है। हालांकि उन्होेंने बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहने की इच्छा जताई।
तीन बार विधायक रहा हूं। पार्टी ने मुझे 15 साल मंत्री रहने का अवसर दिया। मेरी राजनीति का अब पटाक्षेप हो गया है। अब किसी पद की कोई इच्छा नहीं। अपेक्षा है कि पार्टी एक कार्यकर्ता के रूप में काम करने का अवसर देती रहे।
बता दें कि दतिया में उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा पूरी तैयारी कर रहे थे लेकिन ऐनवक्त पर पार्टी ने उनकी टिकट काट दी। इसके बाद हंगामा मच गया। उनके सैंकड़ों समर्थकों ने बीजेपी से इस्तीफे दे दिए और हाईवे जाम कर दिया था।