
भोपाल। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) कक्षा छठवीं से लेकर 12 तक के पाठ्यक्रम की सभी किताबों के मुख पृष्ठ के अंदर के पन्नों पर पॉक्सो अधिनियम और सातों दिन 24 घंटे बच्चों की मदद के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन के नंबर प्रकाशित करेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीइआरटी) द्वारा किताबों में इसे प्रकाशित किया जा रहा है।
यह कदम बच्चों को सुरक्षा और शिकायतों के संदर्भ में जानकारी प्रदान करने के मकसद से उठाया गया है। साल 2017 में मानव संसाधन विकास (एचआरडी) से एनसीईआरटी के प्रकाशनों के माध्यम से पोस्को-ई बॉक्स और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर-1098 का प्रचार करने, बच्चों के यौन उत्पीडऩ पर बनी शैक्षणिक फिल्मों की स्कूलों में स्क्रीनिंग करने और सहायक स्टाफ की नियुक्ति को लेकर मानदंड निर्धारित करने का अनुरोध किया गया था।
देश की सीमाओं के सतर्क पहरेदार
आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था हर देश के लिए बेहद जरूरी होती है। देश के भीतर शांति और कानून व्यवस्था सुचारू रखने के लिए चौतरफा सीमाओं की पहरेदारी इसलिए भी महत्पूर्ण है कि सीमा पार से देश के दुश्मन या तस्करी करने वाले हमारे सुरक्षातंत्र में सेंध ना लगा पाएं। इनकी चौकस निगाहों से बचकर सीमा पार करना मौत को दावत देने जैसा है। किस प्रकार बीएसएफ के ये जवान सीमाओं की सुरक्षा के लिए हर पल सर्तक भी रहते हैं। पश्चिमी भारत की सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर केंद्रित सैन्य फिल्म 'अलर्ट ऑलवेज' शौर्य स्मारक के मुक्ताकाश मंच पर शुक्रवार शाम प्रदर्शित की गई।
'एक साल एक ताल' कार्यक्रम आज
भोपाल द्य आरुषि की ओर से शनिवार को ट्रायइबल म्यूजियम में कल्चरल प्रोग्राम 'एक साल एक ताल' का आयोजन किया जाएगा। इसमें सिंगिंग, डांस आदि होगा। कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से शुरू होगा।
'एक साल एक ताल' कार्यक्रम आज
भोपाल द्य आरुषि की ओर से शनिवार को ट्रायइबल म्यूजियम में कल्चरल प्रोग्राम 'एक साल एक ताल' का आयोजन किया जाएगा। इसमें सिंगिंग, डांस आदि होगा। कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से शुरू होगा।