कुल अपराधों में मध्यप्रदेश चौथे पायदान पर तो महाराष्ट्र पहले नंबर पर। दलितों के खिलाफ अपराध में मप्र तीसरे नंबर पर।
भोपाल. देशभर में एक साल में हुए कुल अपराधों में मध्यप्रदेश एक पायदान चढ़कर चौथे स्थान पर पहुंच गया है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की साल 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश में इस साल 3,04,066 केस दर्ज किए गए। इनमें 10 फीसदी यानी 30,673 अपराध सिर्फ महिलाओं के साथ ही किए गए हैं। साल 2020 में यहां 2,83,881 केस दर्ज हुए थे। इस लिहाज से इस साल महिलाओं के खिलाफ अपराध में 5036 केसों की बढ़ोतरी हुई है।
रेप और गैंगरेप के बाद हत्या के केस में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है। एक साल में प्रदेश में 35 ऐसे केस दर्ज किए गए, जिसमें पीड़िता के साथ रेप कर उसकी हत्या की गई। 48 केस के साथ यूपी पहले स्थान पर है। असम में ऐसे 46 केस सामने आए।
दहेज हत्या में उत्तर प्रदेश अव्वल
देशभर में दहेज हत्या में उप्र पहले नंबर पर है। यहां 2222 बेटियों को दहेज के लिए मार दिया गया। बिहार में 1000 तो मप्र में 522 बेटियों की जान दहेज के लिए ले ली गई। दहेज प्रताड़ना के सबसे अधिक 19952 केस पश्चिम बंगाल में दर्ज हुए। अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के खिलाफ होने वाले अपराधों में मप्र तीसरे पायदान पर है। यहां 7214 केस दर्ज किए गए।
महिला अपराधों की चार्जशीट दर 84%
हत्या में यूपी पहले नंबर पर
हत्या के मामले में उप्र आगे है। यहां 2021 में हत्या के 3717 केस दर्ज हुए, जबकि महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। यहां 2330 लोगों की हत्या हुई। मप्र में हत्या के 2034 केस सामने आए।
महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की कायमी और कोर्ट में चालान पेश करने में मप्र देश में दूसरे नंबर पर है। राज्य में चार्जशीट पेश करने की दर 84 फीसदी है। पश्चिम बंगाल में 94 फीसदी मामलों में चार्जशीट पेश की गई।
बलात्कार में मप्र दूसरे नंबर पर
बलात्कार के मामले में मप्र दूसरे नंबर पर है। यहां एक साल में 6459 केस दर्ज हुए। इस सूची में राजस्थान पहले नंबर पर है। यहां रेप के 6917 प्रकरण दर्ज किए गए।
राज्यवार महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध
राज्य-- कुल केस--महिला के प्रतिशत
उत्तरप्रदेश-- 357905 56083 16%
राजस्थान --214552 40738 19%
महाराष्ट्र-- 367218 39526 11%
प. बंगाल-- 157498 35884 23%
ओडिशा-- 124956 31352 25%
मध्यप्रदेश-- 304066 30673 10%
बच्चियां शोषण की शिकार
नाबालिग बच्चियों के यौन उत्पीड़न में मप्र पहले नंबर पर है। एक साल में यहां 3515 बच्चियां शिकार हुईं। 2020 में आंकड़ा 3259 था। 3458 केस के साथ महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर है। हालांकि मप्र में नाबालिगों के साथ हुए बलात्कार के कुल केसों में 2499 वे हैं, जिनमें गुमशुदगी के बाद बरामदगी की गई।
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