New Engineering Courses - एक एकड़ में खुल सकेंगे कॉलेज, जल्द शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया पहले 50 प्रतिशत दाखिला दिखाओ, तब खुलेगी इंजीनियरिंग की नई ब्रांच
New Engineering Courses - मध्यप्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार और तकनीक शिक्षा विभाग ने अब गुणवत्ता पर भी फोकस बढ़ा दिया है। प्रदेश के कई कॉलेजों ने इंजीनियरिंग की नई ब्रांच शुरु करने की इच्छा जताई है। इससे प्रदेश के स्टूडेंट की सुविधा बढ़ जाएगी। हालांकि इसके लिए कॉलेजों को सख्त हिदायत दी गई है। इंजीनियरिंग की नई ब्रांच शुरू करने सरकार ने साफ कर दिया है कि संबंधित कॉलेज में पहले से चल रही ब्रांच में कम से कम 50 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन होना अनिवार्य होगा। जिन कॉलेजों में सीटें खाली रह रही हैं, उन्हें नई ब्रांच खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर सरकार ने इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के नियमों में राहत भी दी है। अब प्रदेश में एक एकड़ जमीन में भी कॉलेज खोला जा सकेगा। प्रदेश में फार्मेसी कोर्सेस के प्रति भी विद्यार्थियों की रुचि में इजाफे को देखते हुए नए फार्मेसी कॉलेज खोलने के लिए भी लोग बेकरार हैं।
एमपी में कई कॉलेजों में इंजीनियरिंग की नई ब्रांच शुरू करने की कवायद की जा रही है। पर सरकार ने इसपर सख्त रुख दिखाया है। कई कॉलेजों में सीटें खाली रहने के बावजूद नई ब्रांच शुरू करने की मांग की जा रही थी। ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने इसपर रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि पहले 50 प्रतिशत दाखिला दिखाओ, तब इंजीनियरिंग की नई ब्रांच खुल सकेगी।
दूसरी ओर एआइसीटीई इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के नियमों में इस साल भी राहत जारी रखी गई है। अब एक एकड़ जमीन में भी कॉलेज खोला जा सकेगा। इससे छोटे शहरों और कस्बों में नए संस्थान खुलने की संभावना बढ़ेगी। कम जमीन की बाध्यता हटने से निवेशकों की रुचि भी बढ़ रही है।
प्रदेश में फार्मेसी कोर्सेस के प्रति भी विद्यार्थियों की रुचि में इजाफा हो रहा है। इसको देखते हुए नए फार्मेसी कॉलेज खोलने के लिए भी लोग आगे आ रहे हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार विभाग को प्रदेश में नए फार्मेसी कॉलेज खोलने के लिए 19 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी आवेदनों की जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे संस्थानों की पात्रता, संसाधन और नियमों के अनुसार ही मंजूरी दी जाएगी।