
MP weather :मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो कुल कोटे की 68 प्रतिशत है। अब तक 11 फीसदी पानी कम गिरा है। इस वजह से प्रदेश के 40 जिलों में कम बारिश दर्ज हुई है। 15 जिले ही ऐसे हैं, जहां औसत से ज्यादा पानी गिर चुका है। इधर, नेमावर समेत नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश तथा डैम के गेट खोलने से नेमावर में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नर्मदा जल सिद्धनाथ घाट तक पहुंचा चुका है, पेढ़ी घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया है।
देवास जिले के नेमावर मे नर्मदा का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ के हालात निर्मित करने वाली सहायक नदी जामनेर मे भी जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसके चलते प्रशासन ने नेमावर की निचली बस्तियों व नर्मदा किनारे बसे गांव में अलर्ट जारी किया है। वहीं मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार एक सप्ताह तक पूर्वी हिस्से को तरबतर करने वाला मानसून अब उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्से में एक्टिव होगा। अगले दो दिन तक भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने आज भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी है। यानी, अगले 24 घंटे में इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा पानी गिर सकता है। मौसम केंद्र की मानें तो प्रदेश में अब तक 648.7 मिमी यानी, 25.5 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 28.6 इंच (727.9 मिमी) की तुलना में 3.1 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 11 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 7 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 14 प्रतिशत बारिश कम हुई है।
आज इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का अनुमान है।