भोपाल

एमपी के 5 बड़े अफसरों को नोटिस, सिविल सेवा कदाचरण का आरोप, प्र​शासनिक हल्कों में मची खलबली

Notice to 5 senior officers of MP causes stir in administrative circles मध्यप्रदेश के 5 बड़े अफसरों पर सख्त कार्रवाई की गई है।

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Jan 06, 2025
Notice to 5 senior officers of MP causes stir in administrative circles

मध्यप्रदेश के 5 बड़े अफसरों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। पांचों वरिष्ठ अफसर हैं और मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के हैं। जानकारी के अनुसार प्रदेश के 5 जिला शिक्षा अधिकारियों यानि डीइओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। पांचों डीइओ DEO को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3-1 के तहत दोषी बताए गए हैं। अधिकारियों पर ऐसी सख्ती से शिक्षा विभाग सहित प्र​शासनिक हल्कों में हड़कंप सा मचा है।

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा 5 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने 7 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद एक पक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अल्टीमेटम भी दिया है।

लोक शिक्षण संचालनालय ने जिन DEO से जवाब तलब किया है उनमें बड़वानी, छतरपुर, धार, शहडोल और खरगोन के जिला शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। इन पर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के सत्यापन के काम में लापरवाही करने के आरोप हैं।

लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के 17.12.2024 के पत्र क्रमांक 163 में नवीन पोर्टल में सरकारी स्कूलों का सत्यापन 24.12.2024 तक पूर्ण करने को कहा गया था। प्राईवेट स्कूलों का सत्यापन 28.12.2024 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। प्रदेश के इन पांच जिलों- बड़वानी, छतरपुर, धार, शहडोल और खरगोन में इन निर्देशों पर अमल नहीं किया गया।

लोक शिक्षण संचालनालय ने इसके लिए पांचों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को दोषी माना। मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) के उल्लंघन का दोषी करार देते हुए पांचों डीइओ को शासकीय निर्देशों की अवहेलना करने एवं अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने के कारण नोटिस जारी किया गया।

डीइओ को जारी शो काज नोटिस में कहा गया है कि म.प्र सिविल सेवा आचरण (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पहले अल्टीमेटम दिया गया है। उपरोक्तानुसार कार्य 02 दिन में पूर्ण करवाकर, अपना पक्ष 07 दिनों में प्रस्तुत करने को कहा गया है। तय अवधि में सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं होने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एक पक्षीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

Published on:
06 Jan 2025 07:31 pm
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