आर्थिक व मानसिक शोषण से बच सकेंगे पीड़ित, नालसा मोबाइल एप से मिलेगी पीडि़तों की मदद।
भोपाल. अगर आप मध्य प्रदेश की राजधानी में रहते हैं और आपको कोई कानूनी समस्या है तो अब आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा। आमजन की समस्या को सुलझाने के लिए डाक विभाग तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक अनूठी पहल की गई है। डाक विभाग के डाकिए अब डाक बांटने के साथ आमजन की कानूनी समस्याओं को भी सुनेंगे। यही नहीं वे लिखित में दी गई विधिक समस्या को उचित जगह पर पहुंचाने का कार्य भी करेंगे।
नालसा मोबाइल एप से पीडि़तों की मदद
डाकघर में पीडि़त पक्षकार से संबन्धित सभी जानकारी एक आवेदन फार्म में डाकघर स्टाफ द्वारा भरवाई जाएगी। यह आवेदन न्यायालय तक डाकघर द्वारा पहुंचाया जाएगा। नालसा मोबाइल एप्लिकेशन जो कि गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है, प्रत्येक डाकिये के मोबाइल में होगा। जब भी कोई सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला पीडि़त डाकिए से संपर्क करेगा, डाकिया तत्काल आवेदन में सारी जानकारी भरकर न्यायालय तक पहुचाने में सहयोग करेगा इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब जन को भी शीघ्र व सस्ता न्याय सुलभ हो सकेगा।
भोपाल जीपीओ परिसर में जन जन को न्यायिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा उनकी समस्याओं का निराकरण कराने के लिए डाक विभाग के माध्यम से पीडि़त पक्षकार को सहायता पहुंचाने के लिए विशेष सेवाओं का जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसपीएस बुंदेला ने गुरुवार को शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रेरक पटल का अनावरण भी जिला एवं न्यायाधीश तथा सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण भी मौजूद थे।
यह सेवाएं खासतौर पर गरीब व पीडि़त व्यक्ति को न्याय दिलाने में लाभकारी होंगी। इससे उनका आर्थिक व मानसिक शोषण नहीं हो सकेगा। इस अवसर पर बताया गया कि पहले डाकिया डाक लाता था , फिर डाकिया बैंक लाया कोरोना काल में घर घर पैसा पहुंचाया और अब डाकिया न्याय लाया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रेरक पटल का अनावरण भी जिला एवं न्यायाधीश तथा सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण ने किया। इस अवसर पर बी.एम. सिंह लॉ ऑफिसर जिला न्यायालय , एस.एन.शाह प्रवर अधीक्षक डाकघर भोपाल संभाग और श्रीकांत पाण्डेय वरिष्ठ डाकपाल भोपाल जीपीओ मौजूद थे।