भोपाल

जंगल में घूमते बाघ के शरीर की गर्मी जानेंगे अधिकारी, एमपी में बड़ा प्रयोग

Tiger- कवरेज एरिया: भोपाल, सीहोर और ओबैदुल्लागंज (रायसेन) का 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र।

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Mar 29, 2026
Tiger News- File Pic

Tiger- मध्यप्रदेश में बाघों की निगरानी के लिए बड़ा प्रयोग किया जा रहा है। अब उनकी रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। प्रदेश में अर्बन टाइगर की एआइ से निगरानी की जाएगी। जंगल में घूमते बाघ के शरीर की गर्मी से वन अधिकारी उनकी पहचान करेंगे। बाघ Tiger के आवासीय क्षेत्र में आते ही डिवाइस अलर्ट करेगी। भोपाल, सीहार और रायसेन के जंगलों से इसकी शुरुआत होगी। यहां का 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का कवरेज एरिया होगा। अभी उत्तराखंड में इस योजना पर काम हो रहा है। उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट (ई- आइ प्रोजेक्ट), असम के काजीरंगा और महाराष्ट्र के ताडोबा में रियल- टाइम ई-निगरानी प्रणालियों से निगरानी की जा रही है।

राजधानी भोपाल के आसपास के 25 अर्बन टाइगर और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग एआइ की मदद लेगा। सीहोर, ओबैदुल्लागंज डिवीजन के बाघों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। यह होगा थर्मल सिस्टम, एआइ कैमरों की मदद से। वन्यजीव यदि आबादी के करीब पहुंचते हैं तो वन विभाग को अलर्ट मिल जाएगा। बाघ और इंसानों के बीच संघर्ष रोकने तकनीक की मदद ली जा रही है। वन विभाग ने तकनीकी विशेषज्ञों और टेक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।

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बाघ की गर्मी से उसकी पहचान करेंगे, इसके लिए जंगल में थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे

बाघ के शरीर की गर्मी से उसकी पहचान करेंगे। इसके लिए जंगल में थर्मल कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्रैप कैमरों को जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पूरा सेटअप सर्विलांस से जुड़ा होगा। ऐसे में जंगल में वन्यजीवों की लोकेशन पता चलती रहेगी।

उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट (ई- आइ प्रोजेक्ट), असम के काजीरंगा और महाराष्ट्र के ताडोबा में रियल- टाइम ई-निगरानी

अभी उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट (ई- आइ प्रोजेक्ट), असम के काजीरंगा और महाराष्ट्र के ताडोबा में रियल- टाइम ई-निगरानी प्रणालियों से शिकारियों और बाघों पर नजर रख रही है। मध्यप्रदेश में पेंच टाइगर रिजर्व में इस पर काम हुआ हैं।

यह होगा फायदा- कलियासोत या ईंटखेड़ी जैसे इलाकों में बाघ आने से पहले ही अलर्ट
कलियासोत या ईंटखेड़ी जैसे इलाकों में बाघ आने से पहले ही अलर्ट मिलेगा। लोग सतर्क होंगे। मवेशियों व बाघ की दूरी पर नजर रहने से शिकार कम होंगे।

एआइ से लोकेशन की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी, आबादी के पास पहुंचते ही अलर्ट मिलेगा

भोपाल के जिला वन अधिकारी लोकप्रिय भारती बताते हैं कि तकनीक के जरिए बाघों की सुरक्षा की जाएगी। एआइ से इनकी लोकेशन की रियल टाइम जानकारी मिल सकेगी। आबादी के पास पहुंचते ही अलर्ट मिलेगा।

Updated on:
29 Mar 2026 06:37 am
Published on:
29 Mar 2026 06:36 am
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