मान्यता है कि इन 12 दिनों में ब्रह्माजी के कमंडल में रहनेवाले पुष्कर भगवान पवित्र नर्मदा में मौजूद रहेंगे। यही कारण है कि नर्मदा पुष्कर उत्सव के दौरान नर्मदा का पवित्र स्नान किया जाता है। इस दौरान पितरों के निमित्त तर्पण भी करते हैं।
Omkareshwar Jyotirling Narmada Pushkar Festival News एमपी के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। यहां नर्मदा पुष्कर महोत्सव के कारण श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। यह महोत्सव 12 दिन तक चलेगा जिसमें दक्षिण भारत से लाखों लोगों के आने का अनुमान है। दक्षिण से बड़ी संख्या में आ रहे श्रद्धालु नर्मदा स्नान और तर्पण कर रहे हैं। श्री महालक्ष्मी चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। कुंभ की तरह नर्मदा पुष्कर महोत्सव भी हर 12 साल में एक बार मनाया जाता है।
ओंकारेश्वर में नर्मदा पुष्कर महोत्सव के लिए जिला प्रशासन के साथ नगर परिषद द्वारा भी व्यवस्थाएं की गई हैं। इधर पुलिस अधिकारियों के अनुसार भक्तों की भीड़ बढ़ने पर कार आदि प्रतिबंधित कर दी जाएगी। ज्यादा भीड़ होने पर छोटे वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
8 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
ओंकारेश्वर Omkareshwar Jyotirling में इस बार नर्मदा पुष्कर महोत्सव 12 दिन तक चलेगा। इस महोत्सव में दक्षिण भारत से सबसे ज्यादा श्रद्धालु आते हैं। इस बार महोत्सव में करीब 8 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। खंडवा Khandwa जिला प्रशासन ने इसके लिए तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में जरूरी तैयारियां कर ली हैं।
नर्मदा पुष्कर महोत्सव में दक्षिण भारत और अन्य सभी भक्त ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान करते हैं। नर्मदा स्नान के बाद विधिवत तर्पण भी किया जाता है। नर्मदा स्नान, पूजन और तर्पण के बाद श्रद्धालु ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने जाते हैं। लाखो की इस भीड़ से नर्मदा तट और ज्योतिर्लिंग मंदिर की व्यवस्थाएं न बिगड़ें, इसके लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार भीड़ बढ़ने पर नगर में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी जाएगी।
बता दें कि दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में पुष्कर महोत्सव मनाया जाता है। इसी की तर्ज पर ओंकारेश्वर में भी कुंभ की तरह बारह साल में यह महोत्सव आयोजित किया जाता है। मान्यता है कि इन 12 दिनों में ब्रह्माजी के कमंडल में रहनेवाले पुष्कर भगवान पवित्र नर्मदा में मौजूद रहेंगे। यही कारण है कि नर्मदा पुष्कर उत्सव के दौरान नर्मदा का पवित्र स्नान किया जाता है। इस दौरान पितरों के निमित्त तर्पण भी करते हैं।