One State One Health Policy लागू करने वाला एमपी देश का पहला स्टेट बनने जा रहा है, प्रदेश के कोने-कोने तक मिलेगी बेहतर इलाज की सुविधा, इमरजेंसी समेत 25 से ज्यादा बीमारियों में मिलेगी सुविधा
One State One Health Policy मध्यप्रदेश 'वन स्टेट, वन हेल्थ पॉलिसी' लागू करने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। एम्स भोपाल (AIIMS Bhopal) राज्य सरकार के साथ इस पॉलिसी पर काम कर रहा है। इससे प्रदेश में लोगों को एक समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। ऐसे में यह देश का मॉडल राज्य होगा। AIIMS भोपाल ने 118 डॉक्टरों की टीम के साथ मिलकर 25 इमरजेंसी बीमारियों की पहचान की है। जल्द ही इसका श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। इसके तहत मरीजों के इलाज के लिए एक ही मानक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
One State One Health Policy का लाभ कैसे मिल सकेगा, इसे ऐसे समझें। मान लीजिए कोई व्यक्ति किसी हादसे में घायल हो गया, जल गया, या फिर किसी को दिल का दौरा पड़ गया या कोई संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गया तो, छोटे अस्पताल में वही दवाएं, वहीं उपचार और उपचार का वही तरीका अपनाया जाएगा जो एम्स में अपनाया जाता है। एम्स भोपाल के निदेशक डा. अजय सिंह के मुताबिक इस पॉलिसी के तहत ई-कंसल्टेशन और ई-आइसीयू के द्वारा राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह नीति लागू करने के लिए एम्स द्वारा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। ऐसे में एक जैसा उपचार होने का फायदा ये होगा कि यदि किसी मरीज को छोटे अस्पताल से एम्स भोपाल में रेफर किया जाता है तो उसे नए सिरे से उपचार शुरू करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बल्कि डॉक्टर्स मरीज की जरूरत के मुताबिक आगे का इलाज तुरंत शुरू कर सकेंगे।
इस सुविधा के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि एमपी के जिलों से लेकर शहरों और गांवों तक में लोगों को एम्स भोपाल जैसे बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिल सकेगी। जिससे मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा।