
Amarnath- बाबा बर्फानी के दर्शन की उम्मीद लेकर निकले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। अमरनाथ में प्राकृतिक बर्फ से तैयार होने वाले शिवलिंग की ऊंचाई तेजी से कम हो रही है। अब इसकी ऊंचाई केवल एक फीट बची है। गुफा में शिवलिंग का स्वरूप घटता-बढ़ता रहता है पर इस बार बर्फ तेजी से पिघल रही है। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। इस बार कुल 57 दिन यात्रा चलेगी। इधर हजारों भक्त अमरनाथ की यात्रा की थकान से ज्यादा इंतजार और अव्यवस्था से परेशान हैं।
14 हजार लोग लाइन में
भोपाल के सोनू मालवीय बताते हैं कि दस दिन से जम्मू में रुके हैं, लेकिन अब तक टोकन नहीं मिला। समझ नहीं आ रहा कि परिवार को लेकर कहां जाएं और कितना खर्च करें। यह दर्द कई अन्य यात्रियों ने भी बयां किया है। यहां से अभी यात्रा पर एक हजार लोग जा चुके हैं, जबकि 14 हजार बारी के इंतजार में हैं।
यात्रियों ने बताया कि जम्मू पहुंचने के बाद टोकन, आरएफआईडी कार्ड और सीमित स्लॉट के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक सप्ताह से जम्मू में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन यात्रा की अनुमति नहीं मिल पा रही।
जम्मू में हालात और ज्यादा कठिन: भोपाल से 23 जून को गए मुकेश मेवाड़ ने बताया कि कई दिनों से लाइन में लगने के बाद भी टोकन नहीं मिल पाया है। सुबह उम्मीद लेकर जाते हैं, लेकिन शाम को निराश होकर लौटना पड़ता है। होटल और खाने का खर्च अलग से बढ़ता जा रहा है।
संदीप शर्मा परिवार के साथ आठ दिन से जम्मू में हैं। उन्होंने बताया कि बेटे को टोकन मिल गया, पर पत्नी और उन्हें अब तक अनुमति नहीं मिली। वे कहते हैं, परिवार के सदस्य अलग-अलग तारीख में कैसे यात्रा करें।
यात्रियों का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन बड़ी संख्या में लोग जम्मू पहुंच रहे हैं, जिससे पूरी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। घंटों लाइन में लगने के बावजूद टोकन नहीं मिल रहे। यदि मिल भी रहे हैं तो कई दिनों बाद की तारीख दी जा रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ा संकट रहने और खर्च का खड़ा हो गया है।
अमरनाथ गुफा में बर्फ से बनने वाले पवित्र शिवलिंग का आकार केवल एक फीट रह गया है। कुछ दिनों पहले ही पवित्र शिवलिंग 7 फीट का था लेकिन इसके बार बर्फ तेजी से पिघली। सोमवार को इसकी तस्वीर भी सामने आई। यात्रा के लिए इस साल 4 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।