भोपाल

शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- यदि मैं हस्ताक्षर कर देता तो बीजेपी सेक नहीं पाती…- देखें वीडियो

राम मंदिर को लेकर श्री श्री रविशंकर की भूमिका पर कहा - वो काम बनाने के लिए कूदे है या श्रेय लेने, उन्ही से पूछो।

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Nov 26, 2017
Shankaracharya Swami Nischalanand Saraswati Maharaj speech in khandwa

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पूरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती आज रविवार को भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के निवास पहुंचे। वहां पर शंकराचार्य ने राम मंदिर मामले में श्री श्री रविशंकर की भूमिकों लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि वो काम बनाने के लिए कूदे है या श्रेय लेने, उन्ही से पूछो।

इस मामले में पहले भी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा था कि देश ने तीन मुस्लिम राष्ट्रपति दिए, जबकि वर्तमान में एक उपराष्ट्रपति मुस्लिम है। यहां के मुसलमान अरब, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इराक में रह रहे मुसलमानों से अच्छी जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन हमारी उदारता को हमारी दुर्बलता नहीं समझा जाना चाहिए।

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राम मंदिर मे कांग्रेस दे सहयोग

शंकराचार्य ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में अयोध्या में राम मंदिर का बिल लाकर पास कराए। इसमें कांग्रेस को भी सहयोग देना चाहिए। शंकराचार्य ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि मध्यप्रदेश की सरकार को किसानों की समस्याओं को सुनने में क्या आपत्ति थी? जब उचित मांग नहीं मानी जाती है तो लोग उग्र होते हैं। अब गोली चलाने के बाद कह रहे हैं कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं।

गो हत्या पाप है, इसे वैध या अवैध में नहीं बदल सकते

शंकराचार्य ने कहा कि योगी ने बूचडख़ानों को भी वैध-अवैध में बदल डाला। भारत में ऐसी वैचारिक स्थिति कैसे हो सकती है। गो हत्या पाप है। उसे वैध-अवैध में नहीं बदला जा सकता, इस पर रोक लगानी ही होगी। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि बिना बुद्धिजीवी और श्रमजीवियों के तालमेल के देश तरक्की के रास्ते पर नहीं जा सकता। तालमेल होता तो किसान आत्महत्या नहीं करते।

शंकराचार्य ने कहा कि ईश्वर अल्लाह तेरे नाम की बात सिर्फ हिंदू ही कर सकते हैं। क्या किसी मुसलमान ने इसे अपनाया हो, यह हो भी नहीं सकता इसलिए तुम्हारा अल्लाह तुम्हारे पास, हमारा ईश्वर हमारे पास। उन्होंने कहा था कि बौद्धों के शासन काल में अहिंसा के नाम पर मुर्दों के चीडफ़ाड़ पर भी रोक लग गई थी।

यह भी बोले पूरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद महाराज:
- 370 धारा किसको प्रसन्न करने के लिये अभी तक है
- रविशंकर की कोशिश को मंदिर बनाने की कोशिश को बताया दिशाहीन प्रयास।
- पूर्व pm नरसिंहराव की सहमति से टूटा था विवादित ढांचा, यदि उनकी सहमति नही होती तो कल्याण सिंह कुछ नहीं कर सकते थे।
- उन्होंने कहा कि मोदी हिंदुत्व के नाम पर नहीं बल्कि विकास के नाम पर चुनाव लड़े, वहीं पूर्व pm अटल बिहारी ने कोर्ट में बिखरे केस को एकत्रित किया। वहीं राम मंदिर बनाने के मुद्दे पर मोदी चुप है जबकि विहिप के अशोक सिंघल ने कहा था कि पूर्ण बहुमत आने पर राम मंदिर बनेगा।

बीजेपी नेता बाबूलाल गौर के राम मंदिर पर किए गए प्रश्न पर शंकराचार्य ने कहा, राममंदिर बनने का रास्ता प्रशस्त हो रहा है। मंदिर के साथ मस्जिद बनाना अकल्पनीय है, राम मंदिर के बदले मस्जिद बनाना मंजूर नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र भारत मे हिंदू दूसरे स्थान पर है, हिंदुओ को दुर्बल समझकर मस्जिद बनाना मंजूर नही। वहीं शंकराचार्य के पद पर बोलते हुए शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि 100 से ज्यादा फर्जी शंकराचार्य देश में घूम रहे हैं, लेकिन नकली शंकराचार्य पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

मैं यदि हस्ताक्षर कर देता तो अयोध्या में मंदिर और मस्जिद बन जाता तो फिर बीजेपी राजनीतिक रोटी नही सेक पाती।
- शंकराचार्य निश्चलानंद

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Published on:
26 Nov 2017 05:15 pm
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