भोपाल

बिगड़े हालात, हर आठवें मरीज को लगी ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की भी जरूरत

कहर बरपाती तीसरी लहर  
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Updated: 22 Jan 2022, 2:43 PM IST
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भोपाल. देशभर में कोरोना तेजी से फैल रहा है पर मध्यप्रदेश में अभी ये सबसे ज्यादा कहर बरपाता लग रहा है. प्रदेश में तीसरी लहर की खतरनाक संकेत आने लगे हैं. न केवल मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है बल्कि मरीजों की हालत गंभीर भी हो रही है. हाल ये है कि अस्पताल में भर्ती हर 8 वें मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत लग रही है. कई मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया है. इतना ही नहीं, अब कोरोना के कारण हो रही मौतों के आंकड़े भी दहलाने लगे हैं.

प्रदेश में पिछले 24 घंटों में 11 हजार से ज्यादा नए केस सामने आए हैं. प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 61 हजार के पार पहुंच गई है. कई छोटे शहरों, गांवों में एकाएक संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है. ताजा अपडेट के अनुसार कोरोना संक्रमितों में 1034 संक्रमित या कोरोना संदिग्ध अस्पताल में भर्ती हैं.

सबसे ज्यादा बुरी बात यह है कि इनमें से 125 मरीजों को ऑक्सीजन के सपोर्ट पर रखना पड़ा है. इनमें से कई मरीजों को वेंटिलेटर की भी जरूरत पड़ रही है. यह तथ्य सरकार के लिए सबसे ज्यादा परेशानी का सबब है.उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 जनवरी 2022 को अस्पताल में भर्ती 127 मरीजों में से एक मरीज को भी ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी थी.

तीसरी लहर में नए वेरिएंट ओमिक्रान को ज्यादा घातक नहीं माना जा रहा था पर ये जानलेवा होती जा रही है. आंकड़े खुद बता रहे हैं कि तीसरी लहर अब खतरनाक हो गई है. सरकारी रिकार्ड के अनुसार ही प्रदेशभर में महज 21 दिन में 29 मौत हो चुकीं हैं.

21 जनवरी को कोरोना संक्रमण से 5 मौतें दर्ज की गईं. इन्हें मिलाकर 1 जनवरी से 21 जनवरी तक कोरोना से प्रदेश में कुल 29 मौत दर्ज की जा चुकी हैं. नवजात बच्चों से लेकर युवा और बुजुर्ग भी दम तोड़ रहे हैं. प्रदेश में 21 जनवरी तक कोरोना से कुल 8.82 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 8.10 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि कोरोना के कारण अब तक 10 हजार 562 मरीजों की मौत हो चुकी है.

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