पत्रिका पुलिस जज्बा अवॉर्ड्स 2025: पत्रिका जज्बा अवॉर्ड्स 2025 में भोपाल पुलिस के 30 पुलिसकर्मियों को किया गया सम्मानित।
पत्रिका पुलिस जज्बा अवॉर्ड्स 2025: 'हम अपने लिए जिये तो क्या जिये, जिये तो जमाने के लिए जिये' ये बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में बुधवार को हुए पत्रिका पुलिस जज्जा अवॉर्ड्स 2025 के दौरान कही। कार्यक्रम में अपने कर्तव्य का कर्मठता और ईमानदारी से पालन करने वाले 30 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिसकर्मियों के जज्बे को सलाम करने के लिए हो रहे पत्रिका पुलिस जज्बा अवॉर्ड्स 2025 के लिए पत्रिका को बधाई भी दी।
कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने पुलिस से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेरा विद्यार्थी काल से ही पुलिस से बहुत संबंध और संपर्क रहा है। पुलिस ने पकड़ा भी, बंद भी किया और छोड़ा भी। ये अनुभव खट्टे मीठे खूब आनंद के साथ रहे जिसका मजा भी आया। सीएम ने बताया कि कई बार के ऐसे घटनाक्रम भी उन्हें याद हैं जब पुलिस उन्हें पकड़ने आई और वो पढ़ते हुए मिले तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहीं पकड़ा और पढ़ता हुआ छोड़ दिया और अपने अधिकारियों से कह दिया कि साहब वो मिला ही नहीं। ये पुलिस की वो भावना बताता है कि किसी एक छोटे घटनाक्रम के कारण किसी का जीवन खराब नहीं होना चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने कोराना काल में पुलिसकर्मियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि जब कोराना का समय था तब मैं प्रभारी मंत्री था। उस कठिन वक्त में जब लोगों की जान के खतरे में थी तब पुलिसकर्मी और स्वास्थ्य कर्मी ही जान की बाजी लगाकर समाज को बचाने के लिए लगे हुए थे। ये पुलिस विभाग की बहुत बड़ी उपलब्धि थी, मैं इसके लिए पुलिस को बधाई देना चाहता हूं। सीएम ने कहा कि पुलिसकर्मी 24 घंटे सतर्कता के साथ काम करते हैं, आपकी अपनी एक अलग दुनिया है। उन्होंने हवाई जहाज के पायलट का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हवाई जहाज चलाने में छोटी सी गलती हो जाए तो सब खराब हो जाता है इसी तरह से पुलिस की भी ड्यूटी पूरी सावधानी और सतर्कता की ड्यूटी है इसलिए बड़ी गलती नहीं होनी चाहिए छोटी मोटी गलती नजर अंदाज की जा सकती है। बड़ी गलती से हमारे रंग में भंग पड़ने की संभावना रहती है पुलिस की साख पर दाग लग सकता है इसलिए कठोरता भी जरूरी है।