Phool Singh Baraiya Controversial Statement: फूल सिंह बरैया ने बेटियों के रेप को लेकर दिया विवादित बयान तो गरमाई सियासत, एमपी से दिल्ली तक मची हलचल...
Phool Singh Baraiya Controversial Statement: दलित समाज के नेता और भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों से घिर गए हैं। महिलाओं और बेटियों से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर दिए गए उनके बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, बल्कि समाज के हर वर्ग में इसकी तीखी प्रतिक्रिया आ रही है।
दरअसल मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि...
'खूबसूरत लड़की दिखने पर दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं।' उन्होंने आगे यह भी टिप्पणी की कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में कोई खूबसूरत लड़की नहीं होती।
'शर्मसार करने वाले उनके ये बयान एमपी में भारी नाराजगी का कारण बन गए हैं। यही नहीं किसी धर्मग्रंथ का स्पष्ट संदर्भ दिए बिना बरैया ने यह दावा भी किया कि कुछ ग्रंथों में अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ सहवास को काशी तीर्थ के बराबर पुण्य बताया गया है। जब उनसे पूछा गया कि यह बात कहां लिखी हुई है, तब उन्होंने रुद्रयामल तंत्र नामक पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि रेप कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि चार पांच लोग मिलकर करते हैं। इसी सोच के कारण 4 माह और 10 माह की बच्चियों तक के साथ रेप हो रहा है। ये बयान उन्होंने सीधे मीडिया के सामने दिया।
बरैया का दावा है कि आरोपियों के मन में यह गलत धारणा रहती है कि ऐसे कृत्य से उन्हें पुण्य मिलेगा और इसी सोच के चलते एससी-एसटी और ओबीसी समाज की बच्चियां निशाना बनती हैं।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान से स्पष्ट असहमति जताते हुए कहा कि, 'रेप किसी भी स्थिति में जस्टिफाई नहीं किया जा सकता। अपराध करने वाला अपराधी होता है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होती।' वहीं कांग्रेस नेता उनके इस बयान और उनसे दूरी बनाते दिखे। लेकिन राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान जीतू पटवारी के साथ ही फूल सिंह बरैया भी नजर आए। ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस घिर सकती है। सोशल मीडिया पर ये लाइन भी वायरल है कि बेटियों को लेकर जिसकी ऐसी मानसिकता राहुल गांधी उसके साथ कैसे हो सकते हैं?
फूल सिंह बरैया के बयान के बाद सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और राजनीतिक दलों में गहरा आक्रोश है। कई संगठनों ने इसे महिलाओं और दलित समाज के प्रति अपमानजनक सोच करार देते हुए माफी और कार्रवाई की मांग की है।
इधर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बरैया के विवादित बयान की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ऐसे शर्मनाक बयान कभी नहीं देने चाहिएं। यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए बहुत ही दुखद है। मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, बेटियां मेरे लिए देवी जैसी हैं। हम बेटियों को जाति और समाज के आधार पर बंटते नहीं देख सकते।
शिवराज सिंह चौहान ने ये भी कहा कि हमारी परंपरा में बेटियां, दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का रूप हैं। इसलइ चाहे कोई नेता हो या फिर कोई अन्य व्यक्ति किसी भी जाति या समुदाय की बेटिों को आप कितना बांटेंगे? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आप बेटियों को भी बांटेंगे? शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर दोहराया कि बेटियां पूजने के लिए हैं, उन पर टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता(दिल्ली) शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस विधायक के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा है, 'मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक का बयान चौंकाने वाला है। फूल सिंह बरैया ने रेप को धार्मिक ग्रंथों से जोड़कर विवाद खड़ा कर दिया है। वह कहते हैं कि 'रेपिस्ट सोचता है, अगर मैं उस जाति की किसी महिला या लड़की का रेप करूंगा, तो मुझे आध्यात्मिक फल मिलेगा।' प्रियंका वाड्रा कहां हैं? क्या वह इस गलत बयान को मानती हैं?'