
Retired IAS Rakesh Agarwal Case : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का केस सुर्खियों में बना हुआ है। उनका शव बुधवार सुबह रातीबड़ स्थित निजी घर में मिला था। घटना के बाद से उनका केयरटेकर वरुण कुमार गायब है। जांच के दौरान उसका सुराग पहले बीना और फिर आगरा में मिला। हालांकि पुलिस ने राकेश अग्रवाल का मोबाइल बरामद कर लिया पर वरुण कुमार का सुराग नहीं मिल रहा। इसके बाद उसकी तलाश में पुलिस ने आगरा और आसपास के इलाकों में भी सघन जांच की, लेकिन वह हाथ नहीं आया। खास बात यह है कि वरुण कुमार को पकड़ने के साथ ही पुलिस का जोर रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या का मकसद जानने पर भी है। इसके लिए अनेक कवायदें भी की जा रहीं हैं। जांच अधिकारियों ने रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल का पूरा रूटीन खंगाल लिया है लेकिन कोई भी संदिग्ध बात नजर नहीं आई। पैसों के विवाद में उनकी सुपारी दिए जाने की आशंका अभी बलवती बनी हुई है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने भी कहा है कि हत्या के मकसद पर पुलिस का फोकस बना है।
पुलिस की टीमें वरुण के मूल निवास नाभा, पंजाब में भी नजर रख रही हैं। इसके अलावा बीना, आगरा और अन्य संभावित रास्तों पर पुलिस ने उसकी फोटो और हुलिया संबंधित थानों को भेजा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के बाद वरुण ने किस रास्ते से शहर छोड़ा और इसके बाद कहां-कहां रुका।
भोपाल पुलिस केयरटेकर पर 50000 रुपए का इनाम घोषित कर रही है। वीवीआइपी मूवमेंट और प्रशासनिक व्यस्तताओं के चलते यह प्रक्रिया थोड़ी टल गई थी।
भोपाल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वरुण कुमार के लिए चार राज्यों में पुलिस की टीमें लगातार दबिश और तलाश कर रही हैं। संदिग्ध के भागने के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस का फोकस वरुण की लोकेशन का पता लगाने के साथ हत्या के पीछे के कारणों को सामने लाने पर है।