भोपाल

शपथ लेने के तुरंत बाद ही कांग्रेस विधायक को पड़ी सीएम की फटकार, यह है मामला

POLITICS-उपचुनाव जीतने के बाद कांतिलाल भूरिया कर रहे थे डिप्टी सीएम और प्रदेश अध्यक्ष बनाने के दावे...।

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Oct 31, 2019

भोपाल। झाबुआ उपचुनाव ( jhabua by election ) जीतकर आए कांतिलाल भूरिया ( kantilal bhuria ) को गुरुवार को शपथ लेते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ( cm kamal nath ) की फटकार का सामना करना पड़ा। चुनाव जीतने के बाद कांतिलाल भूरिया प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम बनने के दावे कर रहे थे और लगातार शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे, इसे लेकर नाराज हुए कमलनाथ ने उन्हें बुलाया और चुप रहने की नसीहत दे डाली।

झाबुआ विधानसभा सीट से हाल ही में चुनाव जीतकर आए कांतिलाल भूरिया ने गुरुवार को दोपहर में विधानसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। सूत्रों के मुताबिक इसके थोड़ी देर बाद ही मुख्यमंत्री कमलनाथ की नाराजगी का उन्हें सामना करना पड़ा। कमलनाथ ने उन्हें बुलाकर समझाइश दी और कायदे में रहने की सख्त हिदायत दी। कांतिलाल के शक्ति प्रदर्शन को लोग उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने या डिप्टी सीएम बनाए जाने के दावे से जोड़कर देख रहे थे। इसे लेकर राजनीति गलियारों में उनको कोई प्रमुख भूमिका मिलने पर बहस छिड़ गई थी।

कभी प्रदेश अध्यक्ष तो कभी डिप्टी सीएम
पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया झाबुआ चुनाव जीतने के बाद से ही काफी एक्टिव हो गए थे। कभी अपने आप को डिप्टी सीएम के पद पर प्रोजेक्ट करते हुए नजर आए तो कभी मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद पर। इससे पहले भी भी वे प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और अब भी अपना दावा मजबूत रखते हैं। दिग्विजय सिंह के खेमे के माने जाने वाले कांतिलाल भूरिया की इस प्रकार की सक्रियता देख मुख्यमंत्री कमलनाथ को शपथ ग्रहण के बाद उन्हें बुलाना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक उन्हें इस प्रकार से सक्रियता दिखाने पर फटकार भी लगाई है और नसीहत भी दी है।

प्रदेश अध्यक्ष की कवायद
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान चल रही है। वर्तमान में यह पद मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास है। जब से नाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है तभी से उनके एक पद छोड़ने को लेकर दबाव बना हुआ है। दिल्ली में भी कई दौर की बैठकों के बाद कई गुटों में बंटी कांग्रेस में जब विवाद के स्वर निकले तो प्रदेश अध्यक्ष बनाने का फैसला हाईकमान ने टाल दिया।

बहुमत पर पहुंची कमलनाथ सरकार
झाबुआ (अजजा) सीट से विधानसभा का उपचुनाव जीतकर आए कांतिलाल भूरिया समेत अब कमलनाथ सरकार के विधायकों की संख्या 115 हो गई है। जबकि सदन में कुल सदस्य संख्या 230 है। हालांकि कमलनाथ सरकार के पास बसपा और अन्य निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। इसी प्रकार भाजपा 109 से घटकर अब 108 पर पहुंच गई है। कांतिलाल भूरिया ने भाजपा के भानु भूरिया को 27 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था।

गर्म होने लगा था चर्चाओं का बाजार
चुनाव जीतने के बाद कांतिलाल भूरिया को कोई बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर बहस छिड़ी हुई थी। कोई उन्हें डिप्टी सीएम तक प्रोजेक्ट करने की बात कह रहा था तो कोई उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में दावे कर रहा था। इसे लेकर पार्टी के भीतर ही भीतर घमासान होने लगा। मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने भी भूरिया को पीसीसी चीफ के लिए परफेक्ट व्यक्ति बताकर राजनीति गर्मा दी थी।

Published on:
31 Oct 2019 05:57 pm
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