
Meenakshi Natarajan :मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद से सियासत गरमाती जा रही है। एक तरफ जहां नाम वापसी का आखिरी दिन है तो वहीं इलेक्शन कमिशन की ओर से भी अबतक उनके मामले में कोई अपडेट नहीं दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते कांग्रेस पार्टी ने राजधानी भोपाल स्थित सीएम निवास और चुनाव आयोग के घेराव की रणनीति बनाई है। इसी के साथ एक अपडेट ये भी है कि, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का रुख कर रही है।
यही नहीं, कांग्रेस आगामी 8 दिनों तक प्रदेशभर में ब्लॉक और जिला स्तर पर धरना - प्रदर्शन भी करेगी। साथ ही दिल्ली में भी बड़ा आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, नामांकन विवाद को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें राज्यसभा चुनाव, संगठनात्मक रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा होगी। बैठक में सभी राज्यों के प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष शामिल होंगे, जिसमें मध्य प्रदेश से जीतू पटवारी और हरीश चौधरी भी मौजूद रहेंगे।
वहीं, कांग्रेस ने राष्ट्रपति से भी मुलाकात का समय मांगा है। हालांकि, अबतक वहां से भी मुलाकात की संभवता पर कोई अपडेट नहीं आया है। ऐसे में पार्टी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी भी कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं विवेक तन्खा और अभिषेक मनु सिंघवी इस कानूनी रणनीति में शामिल बताए जा रहे हैं। उम्मीद है कि, आज ही इस मामले पर सुनवाई होकर कोई निषकर्श सामने आ सकेगा।
चुनाव आयोग से निराशा मिलने के बाद अब मीनाक्षी नटराजन और कांग्रेस के पास अब बस सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता बचा है। इसी बीच कांग्रेस आज 11 जून को मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाली है। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग द्वारा निर्वाचन अधिकारी के आदेश को कायम रखने के फैसले पर कहा है कि, वो दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से न्याय की गुहार लगाएंगे। पटवारी ने ये भी घोषणा की कि, कांग्रेस सभी जिलों में भाजपा कार्यालयों और भोपाल में सीएम आवास का घेराव करेगी। वहीं, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि, चुनाव आयोग ने भाजपा सरकार के दबाव में कार्य करते हुए एक सुनियोजित षड़यंत्र के कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया।
बता दें कि, मंगलवार लको बीजेपी के द्वारा मीनाक्षी नटराजन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में तेलंगाना की एक कोर्ट में दर्ज मामले की जानकारी छिपाई है, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था।