भोपाल

भोपाल में हर 3 मिनट में बत्ती गुल, मेंटनेंस के नाम पर 7 घंटे कटौती, मई में 14,974 बार कटी बिजली

Power Outages In Bhopal : शहर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मई महीना हमेशा परेशानी भरा होता है। बिजली बिल बढ़ने के साथ इस माह में चलने वाली तेज आंधी - हवा से फॉल्ट और फिर बिजली गुल की स्थिति बनती है।

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Power Outages In Bhopal
Power Outages In Bhopal (बिजली की पॉवर कट रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े Photo Source- Patrika)

Power Outages :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मई का महीना हमेशा परेशानी भरा ही साबित होता है। बिजली का बिल बढ़ने के साथ साथ इस महीने में आमतौर पर चलने वाली हल्की आंधी या हवा से फॉल्ट के बाद फिर बिजली गुल की स्थिति बन जाती है। इस बार यानी मई 2026 में भी ऐसा ही हुआ है। आपको जानकर हैरानी होगी कि, यहां पूरे महीने में 14,974 पॉवर कट हुए हैं। हालांकि, 2025 मई में ये संख्या और भी चौंकाने वाली यानी 18,767 रही थी। ऐसे में अगर गौर करें तो मई के महीने में यहां हर तीन मिनट में कहीं न कहीं बिजली गुल होती रहती है।

ये हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि बिजली के पॉवर कट की रिपोर्ट के आधार पर स्थिति सामने आई है। असके अलावा मई के महीने में पांच मिनट से अधिक समय तक चलने वाले पॉवर कट भी 6,896 बार हुए। खास बात ये है कि, ये हालत तब बने हैं, जब बिजली कंपनी पूरे साल मेंटनेंस के नाम शहरभर में प्रति दिन दो से सात घंटे का शट डाउन लेती आ रही है। कई बार तो ये शट डाउन 6 से 7 घंटे तक रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि, जब पूरे साल मेंटनेंस के नाम पर लाइनों को सुरक्षित बनाने का काम कियाडाता है तो फिर भी जरा सी आंधी नेटवर्क को हर थोड़ी देर में क्यों ध्वस्त कर दे रही है।

आंधी-बारिश में यहां का सबसे बुरा हाल

आंरड़ों पर गौर करें तो शहर के नबी बाग फीडर में मई के दौरान सबसे ज्यादा 107 बार ट्रिपिंग हुई, जबकि मालीखेड़ी में 105 बार और विश्वकर्मा नगर में 97 बार बिजली गुल की समस्या हुई। सीटीओ और आदमपुर फीडर में भी 95-95 बार ट्रिपिंग दर्ज की गई। शहर के 514 फीडर में से 36 फीडर ऐसे रहे, जहां एक बार भी ट्रिपिंग नहीं हुई। खास बात ये है कि, इनमें वल्लभ भवन, कलेक्टर कार्यालय और कुछ प्रीमियम आवासीय क्षेत्रों से जुड़े रहे हैं।

हाईटेंशन लाइन बंद होने की दुहाई

बिजली गुल होते ही सबसे पहले उपभोक्ता अपने एरिया के इंजीनियर को फोन लगाते हैं। या हेल्पलाइन पर कॉल करते हैं। यहां जवाब मिलता है कि, हाईटेंशन लाइन बंद हुई है, जिसके चलते सप्लाई बाधित हो रही है। एचटी लाइन के चालू होते ही बिजली आ जाएगी। अक्सर एचटी लाइन 11 केवी और 132 केवी के बंद होने की बात कहकर अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं।

Published on:
18 Jun 2026 11:30 am