भोपाल

सिंहस्थ 2028 के लिए ‘20000 करोड़’ का पैकेज, प्री-बजट मीटिंग में डिप्टी सीएम देवड़ा ने रखी बड़ी मांग

Pre-Budget Meeting: प्री-बजट बैठक में मध्यप्रदेश ने केंद्र के सामने वित्तीय मांगों का बड़ा खाका खोल दिया। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सिंहस्थ से लेकर अधोसंरचना, ऋण सीमा और योजनाओं में बदलाव तक केंद्र से पैकेज की मांग रखी।
2 min read
Jan 11, 2026
pre-budget meeting Deputy CM Devda demands 20000 Crore Package for Simhastha 2028 mp news
Deputy CM Devda demands 20000 Crore Package for Simhastha 2028 (फोटो- जगदीश देवड़ा फेसबुक)

MP News: केन्द्र सरकार द्वारा शनिवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) की अध्यक्षता में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट बैठक (Pre-Budget Meeting) की गई। इसमें डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सिंहस्थ-2028 (Simhastha 2028) के लिए 20 हजार करोड़ के पैकेज (20000 Crore Package) का प्रावधान करने की मांग रखी है। इसके साथ उन्होंने जल जीवन मिशन छात्रवृत्ति व चल रहे कामों के लिए 8120 करोड़ के बजट की डिमांड की।

व्यय में बढ़ाए बजट केंद्र सरकार पूंजीगत

डिप्टी सीएम देवड़ा (Deputy CM Jagdish Devda) ने कहा, केन्द्र की अधोसंरचना के व्यापक विस्तार के लिए विशेष पूंजीगत सहायता योजना के अच्छे परिणाम दिख रहे हैं। 2025-26 में 82,513 करोड़ रु. का पूंजीगत व्यय अनुमानित है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 के व्यय 67,441 करोड़ से 22% अधिक है। देवड़ा ने प्रदेश में पूंजीगत कार्यों को गति देने नए सत्र के बजट में में वृद्धि किए जाने का अनुरोध किया।

ज्यादा ऋण प्राप्ति के लिए बढ़ाएं एसजीडीपी

15वें वित्त आयोग की गणना के आधार पर प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16,94,477 करोड़ है। भारत सरकार द्वारा ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना के लिए यह 15 लाख 44 हजार 141 करोड़ मान्य किया जा रहा है। देवड़ा ने ऋण प्राप्त करने की सीमा की गणना प्रदेश की जीएसडीपी को मान्य करने का आग्रह किया। इसे आगामी वर्षों में भी ऋण सीमा के लिए मान्य करें।

केंद्र के समक्ष रखे यह प्रस्ताव

  • पीपीपी वाली परियोजनाओं के लिए आर्थिक कार्य विभाग की फंडिंग योजना का सरलीकरण कर कौशल विकास, हरित एवं जलवायु अनुकूल परियोजनाएं को विशेष प्रोत्साहन दिया जाए।
  • प्रदेश की आवश्यकताओं को देखते हुए केन्द्रीय योजनाओं में आंशिक बदलाव की स्वतंत्रता दें।
  • हितग्राहियों की बीमा योजनाओं में एक से अधिक बैंक खातों से पंजीयन एवं प्रीमियम का भुगतान रोकने का प्रावधान हो।
  • एसएनए स्पर्श व्यवस्था में जारी केन्द्रीय स्वीकृति को आगामी वित्तीय वर्ष में भी निरंतर रखें। (MP News)
Updated on:
12 Jan 2026 02:52 pm
Published on:
11 Jan 2026 01:55 am