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बड़े तालाब पर ‘दिग्गजों का कब्जा’, राज्यमंत्री, विधायक समेत कई VIP इमारतों पर लगे लाल निशान

Bhopal News : भोपालवासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 28 Feb 2026, 9:12 AM IST

Bhopal News

बड़े तालाब पर 'दिग्गजों का कब्जा' (Photo Source Patrika)

Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल वासियों की लाइफलाइन कहे जाने वाले बड़े तालाब की सीमा तय करने के लिए किए जा रहे सीमांकन के दौरान कई चौंकाने वाले कब्जे देखने को मिले। नायब तहसीलदार के.के पंडोले के नेतृत्व में आरआई और पटवारियों ने शुक्रवार की दोपहर 02 बजे से सीमांकन कार्रवाई शुरू की, जो शाम 05 बजे तक चली।

बता दें कि, बुधवार से शुरू हुए बड़े तालाब के सीमांकन के दौरान कैचमेंट दायरे 50 मीटर में राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला, के.के हाउस, गुलबाग लॉन, आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का हिस्सा समेत 25 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए थे।

चार घंटे चला सीमांकन

बताया जा रहा है कि, राजस्व अमला सीमांकन करते हुए खानूगांव स्थित कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स पहुंचा, जहां तालाब के फुल टैंक लेवल से सीमांकन करते हुए 50 मीटर कैचमेंट दायरा तय करने पर सामने आया कि, शैक्षणिक संस्थान कैचमेंट क्षेत्र के पास ही बना है। यहां पटवारी अरविंद गिरी ने नायब तहसीलदार के.के पंडोले की निगरानी ने लाल निशान लगाकर तालाब की सीमा निर्धारित की।

कांग्रेस नेता की जमीन भी कैचमेंट में

इसी के पास स्थित स्कूल के मैदान से होते हुए अमला आगे बढ़ा तो कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की जमीन का कुछ हिस्सा कैचमेंट में पाया गया, जिसमें खेती चल रही है। बता दें कि, 04 महीने पहले खानूगांव में जब राजस्व अमले ने सीमांकन किया था, तब कांग्रेस विधायक के शैक्षणिक संस्थान के पीछे कीचड़-दलदल होने की वजह से निशान लगाया था, लेकिन तब तक कैचमेंट की सीमा तय नहीं हुई थी।

आर्मी वाटर स्पोर्ट केंद्र के बाद मिले अवैध निर्माण

राजस्व अमले ने बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में सेना के वाटर स्पोर्ट सेंटर के आगे जब सीमांकन किया तो कैचमेंट में पक्के मकान, बाउंड्री वाल, रेस्टोरेंट, फैक्ट्री आदि का निर्माण मिला। यही नहीं, कुछ दूर चलने पर पता चला कि, एक बड़े फार्म हाउस की तरह निर्माण कैचमेंट में चल रहा था। इसके पास ही भैंस भी बंधी थीं। यहां मजदूर दीवार उठाने में जुटे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि, कोई नामक शख्स निर्मण करा रहा है। ये निर्माण करीब 2 एकड़ भूमि पर हो रहा था, जिसे नायब तहसीलदार ने चिह्नित किया। उन्होंने मौके पर कहा कि, ये अबतक का सबसे बड़ा अतिक्रमण कैचमेंट क्षेत्र में मिला है, जिसे जल्द से जल्द जमींदोज करने की कार्रवाई की जाएगी।

कैचमेंट में कई झुग्गियां और धार्मिक स्थल

खानूगांव में बड़े तालाब के कैचमेंट में एक-दो नहीं, बल्कि दो दर्जनों अवैध मकान बने मिले। सीमांकन के दौरान एक परिवार तालाब के अंदर ही झुग्गी बनाकर रह रहा है। पटवारी ने मौके पर पहुंचकर बच्चों से जानकारी ली। इसके आगे तालाब किनारे स्थित जमीन पर निजी संपत्ति का बोर्ड लगा था। यहां आगे ही राजस्व अमले ने कैचमेंट में बने एक धार्मिक स्थल के कुछ हिस्से को भी चिह्नित किया है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

बैरागढ़ वृत्त के एसडीएम रविशंकर राय का कहना है कि, बड़ा तालाब खानूगांव में सीमांकन की कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। इस दौरान कैचमेंट के 50 मीटर में आने वाले निर्माण चिह्नित किए गए, जिनकी सूची तैयार कर ली गई है। टास्कफोर्स समिति में चर्चा करने के बाद आगे की कार्रवाई सुनि