Premlata Patidar- कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं लेकिन अब एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं
Premlata Patidar - छोटे गांवों-कस्बों में अनेक महिलाएं हैं जो खुद का व्यवसाय कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं लेकिन पैसों की कमी आड़े आती है। ऐसी महिलाओं के लिए नीमच जिले के बमोरा गांव की प्रेमलता पाटीदार प्रेरणा स्तोत्र बन गई हैं। वे कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं लेकिन अब एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। प्रेमलता पाटीदार उद्यमी बनना चाहती थीं लेकिन इसके लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। ऐसे में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने उन्हें राह दिखाई। प्रेमलता पाटीदार ने कर्ज लेकर काम शुरु किया। पहले कुछ दिक्कतें आई पर अब वे हर माह लाखों रुपए कमाने लगीं हैं।
प्रेमलता पाटीदार ने बताती हैं कि वे हमेशा कुछ अपना करना चाहती थीं, जीवन में आगे बढ़ना चाहती थीं हालांकि ये काम आसान नहीं था। संसाधनों की कमी के साथ मार्गदर्शन का भी अभाव था। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। प्रेमलता पाटीदार को महसूस हुआ कि यह योजना उनके सपने पूरे कर सकती है। उन्होंने तुरंत योजना में लोन के लिए आवेदन कर दिया।
योजना के तहत प्रेमलता पाटीदार ने 23.61 लाख रुपए की लागत से ‘बालाजी उद्योग’ नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। उद्योग की स्थापना के लिए उन्होंने नीमच जिले में भारतीय स्टेट बैंक की जीरन शाखा से 20 लाख रुपए का कर्ज लिया। शासन की ओर से उन्हें 8.26 लाख रुपए का अनुदान भी मिला। इससे जहां आर्थिक संबल मिला वहीं उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ।
प्रेमलता पाटीदार ने ‘गोपाल कृष्ण’ नाम के ब्रांड से कोकोनट ऑयल का पंजीयन कराया और अपने उत्पाद को बाजार में उतारा। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और निरंतर मेहनत के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा। आज उनका मासिक टर्नओवर करीब 8 से 10 लाख रुपए का है। प्रेमलता पाटीदार प्रतिमाह 2 से 3 लाख रुपए की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। सालाना लाभ करीब 30 लाख रुपए से अधिक पर पहुंच चुका है।
कारोबारी सफलता से उत्साहित प्रेमलता पाटीदार ने अपने उद्योग में 7 स्थानीय लोगों को रोजगार देकर गांव में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया। वे कहती हैं, “सरकार की योजना ने मुझे हिम्मत दी, लेकिन सफलता मेहनत और विश्वास से मिली।”
बता दें कि नीमच जिले में पीएमएफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिले में अब तक 210 हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित किया गया है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए उद्योग स्थापित हुए हैं।