
Retired IAS Rakesh Agrawal Case : भोपाल में रिटायर्ड आइएएस राकेश अग्रवाल की हत्या केस में फरार आरोपी वरुण कुमार के दस्तावेज की जांच में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जिस हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से वरुण को आइएएस के घर काम पर भेजा गया था, वह खुद ही संदिग्ध तरीके से संचालित थी। बागसेवनिया थाना क्षेत्र में बाग मुगलिया विश्वकर्मा नगर में एक लॉज के दो कमरों से एजेंसी का पूरा काम चल रहा था। संचालक वहीं रहता था। घटना के बाद से संचालक फरार है। इधर आरोपी वरुण की पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है। इस बीच शुक्रवार को रिटायर्ड आइएएस राकेश अग्रवाल की अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रहीं हैं। आज भदभदा विश्राम घाट पर उनका बेटा सिद्ध मुखाग्नि देगा।
पुलिस ने बताया कि आरोपी वरुण कुमार मूल रूप से नाभा का रहने वाला है। उसके परिवार और पुराने संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह परिवार के कई सदस्यों के संपर्क में नहीं था। पुलिस अब उसके पंजाब से भोपाल आने, एजेंसी से जुडऩे और रिटायर्ड आइएएस के घर तक पहुंचने की पूरी कड़ी जांच रही है।
एजेंसी के पास वरुण का फर्जी चरित्र प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और पैन कार्ड मिला है। वह चरित्र प्रमाण पत्र पंजाब पटियाला के सदर नाभा थाने से बनवाया गया था। वह एक मई 2025 एक्सपायर हो चुका है। इसके बावजूद एजेंसी ने उसकी दोबारा पुलिस जांच नहीं कराई और ऑनलाइन माध्यम से अग्रवाल के घर भेज दिया था।
गूगल-जस्ट डायल पर मौजूद वर्मा होम हेल्थ केयर सेंटर की पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि एजेंसी की ऑनलाइन सक्रिय है। गूगल और जस्ट डायल पर इसकी लिस्टिंग और 4.9 स्टार की रेटिंग दिखाई देती है। इसके बावजूद एजेंसी का कोई स्पष्ट पंजीयन और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन का रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। संचालक की भूमिका और एजेंसी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी टीम जुटा रही है।
लॉज के कमरों से एजेंसी का काम लंबे समय से चल रहा था। यहां से बुजुर्गों और मरीजों के लिए केयरटेकर उपलब्ध कराने का काम किया जाता था। सवाल यह है कि इतने समय से चल रहे इस कारोबार की पुलिस और संबंधित विभागों को जानकारी क्यों नहीं लगी।
पुलिस वेरिफिकेशन, पहचान पत्र, स्थायी पता, पुराने नियोक्ता की जानकारी, परिवार के मोबाइल नंबर, हाल की फोटो और दस्तावेजों की जांच जरूर करें। एजेंसी की सिफारिश पर भी बिना सत्यापन किसी को घर में प्रवेश न दें। केयरटेकर को घर की चाबी, एटीएम, बैंक दस्तावेज और कीमती सामान जरूरत के अनुसार ही दें।
यह दावा करती हैं हेल्थ केयर
बागसेवनिया क्षेत्र में संचालित वर्मा होम हेल्थ केयर बुजुर्गों और मरीजों की देखभाल, घर पर चिकित्सा सहायता, बच्चों की देखभाल और होम फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है।
भोपाल में बीस केयरटेकर एजेंसियां सक्रिय:
ऑनलाइन लिस्टिंग में भोपाल के अलग- अलग इलाकों में कई होम हेल्थ केयर और केयरटेकर एजेंसियां दर्ज हैं। इनमें अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर, चूना भट्टी, कोलार, शाहपुरा, सलैया, बागसेवनिया, अवधपुरी, लालघाटी और अन्य क्षेत्रों की एजेंसियां शामिल हैं। अब इनकी रजिस्ट्रेशन स्थिति और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन की जांच भी जरूरी हो गई है।
राकेश अग्रवाल का बेटा सिद्ध अमेरिका में रहता है। घटना की सूचना मिलते ही वह भोपाल के लिए रवाना हो गया था। उसके आने के साथ ही परिवार द्वारा अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरु कर दी गई हैं। वहीं राकेश अग्रवाल की पत्नी निशि अग्रवाल की तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में जब सुधार हुआ तो निशि अग्रवाल को घर भेज दिया गया है। बेटे सिद्ध के भोपाल पहुंचने के साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
परिजनों के अनुसार रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर सुबह 10.30 बजे उनका दाह संस्कार होगा। रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल को उनके पुत्र मुखाग्नि देंगे।