
रिटायर्ड आइएएस केस में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का एंगल- राकेश अग्रवाल की जीवित समय की तस्वीर (फोटो सोर्स: Rakesh Agarwal Facebook)
Retired IAS Rakesh Agrawal : एमपी की राजधानी भोपाल में रातीबड़ स्थित सूरजनगर में रिटायर्ड आइएएस अफसर राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपी अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। लाखों के रुपए जेवर, नकदी और अग्रवाल का मोबाइल लेकर भागने वाले पंजाब के नाभा शहर के केयर टेकर वरुण कुमार के बारे में पुलिस ने नया खुलासा किया है। हत्या के बाद वह बीना गया फिर आगरा। यहां उसका दोस्त रहता है। पुलिस ने दोस्त को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। खास बात यह है कि राकेश अग्रवाल के करोड़ों के लेनदेन की बात भी सामने आई है। उन्होंने अपने एक खास को बड़ी राशि दी थी लेकिन उसने वापस नहीं की। यही वजह है कि पुलिस लूट के साथ अब कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल पर भी जांच कर रही है।
राकेश अग्रवाल की हत्या ने राजधानीवासियों को झकझोर कर रख दिया है। सीएम मोहन यादव ने भी घटना पर दुख जताया है।
दोस्त के पास आगरा गया था वरुण
मंगलवार रात को हत्या के बाद आरोपी वरुण की लोकेशन पहले बीना फिर आगरा में मिली। उसने राकेश अग्रवाल का मोबाइल बीना में ऑन किया था। थोड़ी देर बाद बंद भी कर दिया। आगरा से उसके दोस्त को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उसने पूछताछ में बताया कि वह पहले वरुण के साथ काम कर चुका है। वरुण के पिता ने 3 शादी की। दो पत्नी की मौत हो गई। मां की मौत के बाद वरुण किसी से संपर्क में नहीं रहता था।
बताते हैं, राकेश अग्रवाल ने 11 माह पहले परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत क्राइम ब्रांच में की थी। उन्होंने कंपनी में निवेश और बेहतर रिटर्न का झांसा देकर किस्तों में रुपए लिए लेकिन नहीं लौटाए। पुलिस ने अक्टूबर 2025 में अजीत को अरेस्ट किया था। यह केस कोर्ट में है। अग्रवाल की गवाही, कोर्ट की कार्रवाई और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका भी पुलिस खंगाल रही है।
राकेश अग्रवाल के कई अन्य लोगों से लेन-देन की जानकारी भी मिली है। इन बिंदुओं को देखते हुए पुलिस को आशंका है कि कोई दो दिन पहले नौकरी पर आया और गला रेतकर रुपए-जेवर लूट ले गया…यह थ्योरी संदेह पैदा कर रही है। ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल पर भी जांच हो रही है।
पुलिस की पहली थ्योरी लूट के आसपास थी। लेकिन यदि वरुण को लूट ही करनी होती तो वह केयरटेकर की नौकरी कर ही रहा था। कुछ दिन में भरोसा जीतकर भी कर सकता था।
नौकरी के दूसरे ही दिन उसने गला रेतकर हत्या कर दी। फिर जेवर-रुपए और मोबाइल लेकर भागा। उसने अग्रवाल का मोबाइल क्यों लिया?
क्या मोबाइल में कुछ ऐसे तथ्य या साक्ष्य थे, जिसे आरोपी को नष्ट करने के निर्देश दिए गए थे?
Updated on:
02 Oct 2026 07:05 am
Published on:
02 Oct 2026 07:05 am
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