
भोपाल। साकेत नगर, विद्यानगर, मिसरोद से लेकर होशंगाबाद रोड से जुड़ी कॉलोनियों के रहवासी नगर निगम को टैक्स देने में अव्वल है, जबकि पुराने शहर के टीला जमालपुरा, नारियलखेड़ा, शाहजहांनाबाद क्षेत्र के रहवासी टैक्स का पूरा भुगतान नहीं कर रहे। वित्त वर्ष 2018-19 के अंतिम दिन जमा टैक्स के आंकड़े ये तथ्य जाहिर कर रहे है।
होशंगाबाद रोड क्षेत्र वालों ने अपने जोन क्रमांक 13 में मार्च के अंतिम दिन 1.61 करोड़ रुपए टैक्स जमा किया, जबकि नारियलखेड़ा, शाहजहांनाबाद वाले क्षेत्र के वार्ड क्रमांक तीन के करदाताओं ने मात्र 7.56 लाख रुपए की राशि ही जमा की।
आंकड़ों में टैक्स जमा
क्षेत्र- जोन- राशि
होशंगाबाद रोड- 13- 1.61 करोड़
बैरागढ़- 02- 1.09 करोड़
गोविंदपुरा, भानपुर- 16-70.42 लाख
बैरागढ़ चिचली- 19- 68.60 लाख
कोलार- 18- 60.06 लाख
न्यू मार्केट- 07- 58.96 लाख
एमपी नगर- 09- 57.11 लाख
भदभदा- 06- 43.33 लाख
गांधी नगर- 01- 39.89 लाख
जेपीनगर- 04- 37.00 लाख
नरेला शंकरी- 15- 35.74 लाख
छोला-करोद- 17- 22.90 लाख
अशोका गार्डन- 12- 20.07 लाख
बरखेड़ा पठानी- 14- 18.27 लाख
मंगलवारा- 05- 16.34 लाख
ऐशबाग- 11- 15.08 लाख
जहांगीराबाद- 08- 13.46 लाख
चांदबड़, सेमरा- 10- 9.70 लाख
शाहजहांनाबाद- 03- 7.56 लाख
नोट- मार्च के अंतिम दिन जमा टैक्स के आधार पर।
संपत्तिकर खाते ही नहीं खोले गए
जिन क्षेत्रों में टैक्स कम जमा हुआ है वहां अवैध कॉलोनियों की भरमार है। इसके साथ ही नगर निगम की और से भी इन क्षेत्रों में संपत्तिकर के खाते खोलने की कवायद पूरी इमानदारी से नहीं की जा रही।
जीआइएस सर्वे भी बेअसर
उम्मीद की जा रही थी जीआइएस सर्वे से शहर की सभी संपत्तियों के खुद ही खाते खुल जाएंगे। टैक्स बढ़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पुराने शहर के तमाम जोन व वार्ड में टैक्स वसूली बेहद कम है।
हमने संपत्तिकर के खाते खुलवाने से लेकर वसूली बढ़ाने कई तरह के इंतजाम किए। लोग टैक्स जमा नहीं आ रहे हैं, उन पर कार्रवाई लगातार जारी है।
- रणवीरसिंह, अपर आयुक्त