
भोपाल : हैदराबाद में हुई घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद राज्य सरकारों की गंभीरता पर भी प्रश्र चिन्ह लग गया है। केंद्र सरकार ने निर्भया फंड के तहत महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए करीब 4000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। अधिकांश राज्यों को यह राशि 2016-17 के दौरान जारी की गई है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि एक भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने ईआरएसएस योजना लागू करने के लिए प्रदान किए गए फंड का 100 फीसदी इस्तेमाल नहीं किया है।
इन राज्यों में मध्यप्रदेश भी शामिल है। मध्यप्रेश को निर्भया फंड के तहत 43.16 करोड़ रुपए मिले लेकिन सिर्फ 6.39 करोड़ रुपए ही खर्च हो पाए। प्रदेश को न्याय विभाग के तहत 15 करोड़ मिले जिसमें से कोई राशि खर्च नहीं की गई। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को 30 लाख रुपए दिए गए लेकिर उसमें से भी एक पैसा खर्च नहीं हुआ। वन स्टॉप सेंटर के लिए मिले 27 करोड़ में से करीब छह करोड़ रुपए खर्च किए गए। महिला हेल्पलाइन और अन्य परियोजनाओं पर भी प्रदेश सरकार ने कोई फंड खर्च नहीं किया।
- महिला सुरक्षा को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार कितनी संवेदनशील है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह निर्भया फंड की मात्र 8 प्रतिशत राशि ही उपयोग कर पाई है । निर्भया फंड की 92 प्रतिशत राशि का उपयोग न होना, महिलाओं के प्रति चिंता के भाजपा सरकार के दिखावे की पोल खोलता है। मध्यप्रदेश की तत्कालीन शिवराज सरकार भी इस फंड को खर्च नहीं कर पाई। - सज्जन सिंह वर्मा पीडब्ल्यूडी मंत्री