Rabi Crop Farmers in MP: मध्य प्रदेश सरकार ने रबी फसलों की खरीदी से पहले किसानों खास इंतजाम किए है। अब अपनी फसल बेचने आए किसानों को मात्र 5 रूपए में स्वादिष्ट भोजन मिलेगा।
Rabi Crop Farmers in MP: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाया है। रबी फसलों की सरकारी खरीदी जल्द शुरू होने जा रही है। इसमें किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने खास इंतजाम किए हैं। सरकार द्वारा किसानों और पल्लेदारों को मात्र 5 रूपए में भरपेट भोजन करवाएगी। इसके अलावा, किसान कल्याण और मंडी श्रमिकों के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जो किसानों की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करेंगी।
प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों में "भोजन थाली योजना" चलाई जाएगी। इसके तहत किसानों और पल्लेदारों को पांच रूपए में 6 पूड़ी-सब्जी या 6 रोटी, दाल-सब्जी दी जाएगी। इससे किसानों को सस्ते दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपना अनाज बेच सकेंगे।
किसानों की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए "मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना" के तहत सरकार ने सहायता राशि देने की घोषणा की है। इस योजना के तहत किसानों को आंशिक अपंगता पर 50,000 रूपए, स्थायी अपंगता पर 1 लाख रूपए, मृत्यु पर 4 लाख रूपए और अंतिम संस्कार के लिए 4,000 रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
मंडी में काम करने वाले पल्लेदारों और तौलकर्ताओं के लिए भी सरकार ने विशेष कल्याणकारी योजनाएं चलाएगी। इन योजनाओं के तहत उन्हें मातृत्व सहायता, विवाह सहायता, छात्रवृत्ति, चिकित्सा खर्च, अपंगता सहायता, अंतिम संस्कार सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ 18 से 55 वर्ष तक के लाइसेंस प्राप्त पल्लेदारों और तौलकर्ताओं को मिलेगा। वे सालाना 1000 से 2000 रूपए तक का अंशदान देकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए मंडियों में साल में दो बार बंपर ड्रॉ आयोजित करती है। नर्मदा जयंती और बलराम जयंती के अवसर पर होने वाले इस ड्रॉ में "क" श्रेणी की मंडियों में 35 HP का ट्रैक्टरऔर "ख," "ग", और "ध" श्रेणी की मंडियों में ₹50,000 तक के कृषि उपकरण1,000 से 21,000 रूपए तक के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
किसानों को भुगतान में आसानी हो, इसके लिए सरकार ने "ई-अनुज्ञा" प्रणाली लागू की है। इसके तहत हर किसान का भुगतान ऑनलाइन दर्ज होगा और व्यापारियों को अनाज परिवहन के लिए गेट पास जारी किए जाएंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी और इससे किसानों को बिना देरी के भुगतान मिलेगा।