
भोपाल/ अहमदाबाद, मुंबई, कलकत्ता सहित अमरावती अथॉरिटी से भी ली जाएगी मदद टीएनसीपी डायरेक्टर के निर्देशन में टीम ने हैदराबाद-अहमदाबाद का किया दौरा मुंबई और कलकत्ता सहित अमरावती का दौरा कर दूसरी टीम इस सप्ताह लौटेगी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन में शामिल होंगे विदिशा, रायसेन, सिहोर, मंडीदीप, ओबेदुल्लागंज हर्ष पचौरी भोपाल। राजधानी का मेट्रो पॉलिटन एरिया तय करने में प्लानिंग का केंद्र हैदराबाद मेट्रो डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) रहेगा। हैदराबाद मॉडल में ७ जिलों को जोड़कर डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया गया है
केंद्र से एमओयू, डेवलपमेंट फंड बढ़ेगा
भोपाल मेट्रो पॉलिटन रीजन में सीहोर-रायसेन, विदिशा के अलावा ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप जैसे औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल होंगे। केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाला फंड इसी अनुपात में तय होगा, अभी इन जिलों में राज्य सरकार और स्थानीय निकाय के खजाने से विकास कार्य होते हैं। बड़े प्रोजेक्ट केवल राजधानी तक सीमित रहते हैं और आसपास के जिलों को भोपाल के करीब रहने बावजूद पिछड़े नजर आते हैं। जल्द ही राज्य सरकार केंद्र के बीच एमओयू साइन होगा। एमपी मेट्रो रेल कंपनी में अभी राज्य के अधिकारी पदस्थ हैं। कंपनी में संयुक्त रूप से राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल हो जाएंगे और अतिरिक्त फंड मेट्रो रेल के लिए मिलना शुरू हो जाएगा।
राज्य की नीतियों का फायदा
सिटी डेवलपमेंट के लिए राज्य ने टीओडी-टीडीआर जैसी योजनाएं बनाई हैं। मेट्रो पॉलिटन रीजन अथॉरिटी में जुडऩे के बाद भोपाल मास्टर प्लान में फ्लोर एरिया रेशो की दर, टीओडी और टीडीआर पॉलिसी का फायदा इन शहरों को मिलेगा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी, पेन सिटी सॉल्यूशन के काम इन शहरों में भी हो सकेंगे। मेट्रो रेल सेवा का विस्तारीकरण होने से सिहोर से भोपाल, मंडीदीप, रायसेन पहुंचने में लोगों को आधे से भी कम वक्त लगेगा। इसका सीधा असर औद्योगिकीकरण और रोजगार में इजाफे के तौर पर पड़ेगा।
अभी ऐसा है राजधानी का आकार
क्षेत्रफल- 2764 वर्ग किमी
जनसंख्या- 23.68 लाख
जनसंख्या घनत्व- 857
ग्रामीण आबादी- 4.53 लाख
शहरी आबादी- 19.14 लाख
तहसील- 3
विकासखंड- 2
गांव- 519