
भोपाल/ संत हिरदाराम नगर. बैरागढ़ क्षेत्र में हाइवे और बैरागढ़ कलां गांव के बीच स्थित रेलवे फाटक मरम्मत के लिए 8 और 9 अप्रेल को बंद रहेगा। इसकी सूचना रेलवे ने फाटक के पास चस्पा की है, लेकिन फाटक का दो दिन के लिए मरम्मत कराने का फरमान आमजन के लिए मुसीबत बन सकता है। दरअसल जिस फाटक क्रमंाक 114 को दो दिन के लिए बंद करने को कहा गया है वहां से अंदरुनी कॉलोनियों और मुख्य मार्ग की कनेक्टिविटी के लिए कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं है। ऐसे में 8 और 9 अप्रेल को वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद रहेगी और आपात स्थिति में न तो कोई वाहन अंदर आ सकेगा और न ही बहर जा सकेगा। मेडिकल इमरजेंसी सहित अन्य आपात हालात में दो दिन फाटक का बंद रहना आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है। रेलवे द्वारा जब भी फाटक का मेंटनेंस किया जाता है तब अन्य वैकल्पिक मार्ग के लिए यातायात पुलिस को रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग सूचना देता है। इसके साथ वैकल्पिक मार्ग भी बताया जाता है, लेकिन फाटक क्रमांक 114 के उस पार रहने वाली 10 हजार की आबादी के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। स्थानीय रहवासियों के मुताबिक इस संबंध में जब रेलवे के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इससे पल्ला झाड़ लिया।
ट्रैफिक पुलिस को सूचना देने का दावा
रेलवे पीआरओ आईए सिद्दीकी का कहना है कि हर जगह वैकल्पिक मार्ग रहता है फाटक क्रमांक 114 के पास भी कोई न कोई मार्ग होगा। इंजीयिरिंग विभाग ने यातायात पुलिस को सूचना दे दी है। फाटक का मेंटेनेंस तो कराना पड़ेगा। फाटक क्रमांक 114 के उस पार करीब 10 हजार की आबादी रहती है। यह एकमात्र मार्ग है, जहां से आवाजाही होती है। बिना वैकिल्पक मार्ग के आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा।
दमकलों ने समय रहते पाया था आग पर काबू
हाल ही में इस इलाके में खेतों में लगी आग से आठ एकड़ फसल खाक हो गई थी। समय पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों ने आग पर काबू पाया नहीं तो कई रहवासी क्षेत्र इसकी चपेट में आ सकते थे।
करीब 10 हजार की आबादी के लिए फाटक क्रमांक 114 एकमात्र मार्ग है। इसे अस्थायी तौर पर बंद किया जा रहा है। अंदरुनी कॉलोनियों तक जाने के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। आपात स्थिति में परेशानी बढ़ेगी। रेलवे को वैकल्पिक व्यवस्था करना चाहिए।
अशोक मारण, पार्षद
रेलवे मनमर्जी कर रहा है बिना वैकल्पिक मार्ग के फाटक बंद करना और आम नागरिकों का रास्ता रोकना गलत है। रास्ता बंद होने से शहर से कनेक्टिविटी समाप्त हो जाएगी। अचानक बीमार होने पर डॉक्टर तक भी नहींं पहुंच सकेंगे।
महेश दुबे, रहवासी