
Rain Alert- मध्यप्रदेश में पिछले 48 घंटे से कई जिलों में जबर्दस्त बारिश का दौर चल रहा है। विशेषकर मालवा-निमाड़ इलाके के इंदौर और उज्जैन संभागों में जोरदार बारिश हुई है। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार हालांकि अब सिस्टम कमजोर हो रहा है लेकिन प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित कुछ जिलों में मानसून भारी पड़ सकता है। मौसम विभाग का भोपाल में अगले 24 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश के 43 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश में मानसून स्पीड पकड़ चुका है। पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से खासतौर पर मालवा निमाड में बाढ़ के हालात हैं। बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन सहित उज्जैन और इंदौर संभागों में मानसून पूरी रंगत में है। यहां नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। नर्मदा सहित अधिकांश नदियों में जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है।
अगले 24 घंटों में मध्यप्रदेश में मानूसन के ऐसे ही सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 43 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के मालवा निमाड़ इलाके के बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।
पिछले 2.3 दिनों की जोरदार बारिश से अब सावन में औसत बारिश का कोटा पूरा होने की आस बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल में शुक्रवार को कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। हालांकि जुलाई का कोटा अभी अधूरा है। भोपाल में आमतौर पर जुलाई को सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है, लेकिन इस बार पूरे महीने में केवल 10.31 इंच बारिश दर्ज हुई। जुलाई का सामान्य कोटा 14.48 इंच है। यानी शहर में 4.16 इंच बारिश कम हुई। पिछले दस सालों में 2020 और 21 में ऐसी स्थिति बनी थी।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यदि अगस्त के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो स्थिति खराब हो सकती है।
पिछले 10 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल में जुलाई कई बार बेहद मेहरबान भी रहा है। वर्ष 2022 में 33.64 इंच और 2017 में 26.50 इंच बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 2020 में सिर्फ 6.09 इंच बारिश हुई थी। इस साल का आंकड़ा 10.31 इंच रहा, जो सामान्य से काफी कम है।