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दो बार टूटे घुटने, आड़े आई आर्थिक तंगी पर नहीं मानी हार, एमपी की यामिनी मौर्य ने कॉमनवेल्थ में रचा ​इतिहास

Commonwealth Games Silver Medalist Judoka Yamini Maurya- यामिनी मौर्य के संघर्ष की कहानी, कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतनेवाली जूडो खिलाड़ी ने मेहनत से पाया मुकाम
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कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतनेवाली जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य

कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतनेवाली जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य - Image X

Yamini Maurya - कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में भारत की ओर से जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता। गोल्डन स्कोर तक पहुंचे फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की एसिल्या टॉपराक के खिलाफ जबर्दस्त संघर्ष किया। सिल्वर मेडल प्राप्त करने के साथ ही एमपी के सागर जिले की रहनेवाली यामिनी मौर्य ने इतिहास रच दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनकी कामयाबी संघर्ष और मेहनत की मिसाल बन गई है। यामिनी मौर्य के कई बार घुटने टूटे, आर्थिक दिक्कतें आड़े आईं पर उनका हौसला कम नहीं हुआ। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके सिल्वर मेडल जीतने पर सागर सहित पूरे प्रदेश में खुशी जताई जा रही है। सीएम मोहन यादव ने भी यामिनी मौर्य की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उन्हें बधाई दी है।

यामिनी मौर्य का जूडो का सफर मात्र 9 साल की उम्र में शुरु हो गया था। हालांकि उनका यह कदम लोगों को रास नहीं आया। परिवार और रिश्तेदारों ने एक लड़की का छोटी उम्र में जूडो खेलने का बहुत विरोध किया। यामिनी को अनेक प्रकार से ताने भी मारे गए। हालांकि वह अपने इरादे से नहीं डिगीं और जूडो की प्रेक्टिस करती रहीं।

लगातार संघर्ष और मेहनत का परिणाम तब सामने आया जब उन्होंने स्टेट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद लोगों के मुंह बंद हो गए। पिछले 17 सालों में यामिनी मौर्य कई नेशनल और इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। वे करीब 3 दर्जन नेशनल और इंटरनेशनल गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं।

2022 से भारतीय टीम में

2 बार की सीनियर राष्ट्रीय चैंपियन यामिनी मौर्य 2022 से भारतीय टीम में हैं। उन्होंने 2022 के राष्ट्रीय खेल, 2025 के हांगकांग एशियाई ओपन और 2026 के डकार अफ्रीका ओपन में देश के लिए गोल्ड मेडल जीते।

2 बार घुटनों की सर्जरी हुई

यामिनी मौर्य की सफलता की कहानी मुश्किलों से भरी है। उनके घुटनों की 2 बार सर्जरी हो चुकी है। 2017 में उनका एक घुटना टूट गया जिसका बड़ा ऑपरेशन हुआ। करीब एक साल तक खेल से दूर रहने के बाद यामिनी ने दोबारा ट्रेनिंग शुरू की। प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल भी जीता पर कुछ ही माह बाद दूसरा घुटने की भी सर्जरी करानी पड़ी। इसके कुछ महीने बाद ही यामिनी ने नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत लिया।

यामिनी मौर्य को राज्य के प्रतिष्ठित ‘एकलव्य’ और ‘विक्रम’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। सीएम मोहन यादव ने सिल्वर मेडल जीतने पर उन्हें बधाई दी है।