भोपाल

एक दिन की जोरदार बारिश ने पूरा किया अगस्त का 65 प्रतिशत कोटा : Also Video

मौसम विभाग की चेतावनी: अभी दो दिन और भारी बारिश के आसार...
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Updated: 22 Aug 2018, 7:15 AM IST
heavy rainfall in bhopal
एक दिन की जोरदार बारिश से राजधानी में अगस्त का 65 प्रतिशत कोटा पूरा

भोपाल. राजधानी में सोमवार-मंगलवार को हुई जोरदार बारिश से अगस्त माह का 65 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सोमवार से शुरू हुई बारिश से मंगलवार शाम 05.30 बजे तक भोपाल शहर में 160 मिमी बारिश हो चुकी है।

यदि अगस्त में हुई कुल बारिश को जोड़ लिया जाए तो यह लगभग 224 मिमी होता है। राजधानी में अगस्त माह की कुल औसत बारिश 346.6 मिमी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में भी राजधानी सहित आसपास भारी बारिश की उम्मीद है। ऐसे में अनुमान है कि अगस्त माह के बारिश का कोटा पूरा हो सकता है। विभाग के अनुसार सोमवार-मंगलवार को जो बारिश हुई है, वह इस सीजन की 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश है। यही कारण है कि पिछले 19 दिन में 17 प्रतिशत तक बारिश वाला भोपाल एक दिन में ही माह की कुल बारिश का 65 प्रतिशत के आंकड़े पर पहुंच गया है।

यह है बारिश का मुख्य कारण : वरिष्ठ वैज्ञानिक एके शुक्ला के अनुसार सोमवार को राजधानी और उसके आसपास एक ईस्ट-वेस्ट फियर जोन बन गया था। इस जोन में पूर्वी और पश्चिमी हवाओं का मिलन हुआ, जिसके चलते जोरदार बारिश हुई। इस एक्टिविटी ने ही उम्मीद के विपरीत बारिश कराई।

बड़ा तालाब जलस्तर 1659.75 फीट पर : बड़ा तालाब एक दिन में दो फीट बढ़कर 1659.75 फीट पर पहुंच गया। इसी तरह कोलार डैम का जलस्तर भी सोमवार के मुकाबले करीब एक मीटर बढ़कर 449.15 मीटर दर्ज किया गया। बड़ा तालाब को अभी 7 फीट पानी और चाहिए।

टॉयलेट ओवरफ्लो, यात्री हुए परेशानी : सोमवार-मंगलवार की रात हुई बारिश से भोपाल रेलवे स्टेशन पर बने वेटिंग रूम के टॉयलेट ओवरफ्लो हो गए। इससे टॉयलेट का गंदा पानी वेटिंग रूम में फैल गया। इससे यात्रियों को प्लेटफ ॉर्म पर रात गुजारनी पड़ी।

अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अनुमान : विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में राजधानी में और बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के अनुमान हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि प्रदेश में बना सिस्टम अगले दो दिन में कमजोर पड़ सकता है।

23 अगस्त से मानसूनी गतिविधियां कम होंगी। मौसम विशेषज्ञ एसके नायक के अनुसार कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भाग में बने चक्रवाती संचरण के साथ बना हुआ है। इसकी औसत समुद्रतल से ऊंचाई 7.6 किमी तक है। इसके 23 अगस्त तक कमजोर होने का अनुमान है।

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