
rajendra shukla : एमपी के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों की कमी की पूर्ति करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुषेण योजना के विस्तार की बजाय आउटसोर्सिंग में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। जबकि इस योजना के तहत डॉक्टरों के लिए वेतन के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था कर नई नियुक्तियां करने में मदद मिल सकती है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के पिछले माह निर्देश के बावजूद सुषेण योजना के विस्तार का प्रस्ताव अभी तक नहीं बनाया गया है। इस पर अफसरों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए।
अभी इस प्रस्ताव को पहले कैबिनेट से पास कराना होगा, उसके बाद ही लागू किया जा सकेगा। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) को आउटसोर्स पर देने का प्रस्ताव कैबिनेट में पारित होने के साथ इसके नियम भी जारी कर दिए गए हैं। निजी एजेंसियों के चयन के लिए टेंडरिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
योजना में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों द्वारा काफी तेजी दिखाई गई। इसके तहत पहले चरण में रीवा, देवास और गुना की 18 सीएचसी को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। विभाग ने सामुदायिक अस्पतालों के आउटसोर्सिंग संबंधित आदेश भी प्रसारित कर दिए।
अभी प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टर और मेडिकल ऑफिसर्स के 6 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के 5543 स्वीकृत पदों में से 3698 और मेडिकल ऑफिसर के स्वीकृत 6513 में से 2689 पद रिक्त हैं। सबसे ज्यादा रिक्त पद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, डिस्पेंसरीज में हैं। यही अस्पताल दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
मुख्यमंत्री सुषेण चिकित्सक प्रोत्साहन योजना मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के 20 जिलों के 89 आदिवासी और अति पिछड़े विकासखंडों में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और विशेषज्ञों की कमी को दूर करना तथा बेहतर चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करना है।
योजना के तहत अति पिछड़े और पिछड़े आदिवासी विकासखंडों में काम करने वाले नियमित और संविदा चिकित्सकों को मूल वेतन या मानदेय के अलावा विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अति पिछड़े 21 विकासखंडों में संविदा चिकित्सकों का कुल मानदेय 1 से 2 लाख तथा शेष पिछड़े विकासखंडों में 90 हजार से 1.85 लाख तक तय किया गया है। इससे यहां डॉक्टरों की नियुक्तियों में मदद मिली है।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सभी सीएचसी में सुषेण योजना लागू करने के निर्देश जुलाई में दिए थे। योजना के विस्तार का प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा, लेकिन अफसरों ने अभी तक प्रस्ताव ही नहीं भेजा। शुक्ल ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। कहा, इस योजना से डॉक्टरों की कमी दूर की जा सकेगी।