राजनीतिक दलों में सोशल मीडिया वार...
भोपाल. विधानसभा चुनाव को लेकर सोशल वार शुरू हो चुका है। भाजपा ने 'साइबर योद्धा' बनाए हैं। इसके जवाब में कांग्रेस ने 'राजीव के सिपाही' उतारे हैं। इसका सोशल मीडिया पर असर नजर आने लगा है। दोनों पार्टियां युवाओं को आकर्षित करने के लिए सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रही हैं।
इससे पहले भी कुछ चुनावों में वाट्सऐप, ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल साइट्स का इस्तेमाल खूब किया गया है। चुनावों में इसका असर भी दिखाई दिया। भाजपा के इस हथियार के प्रभावी इस्तेमाल से सबक लेकर कांग्रेस ने भी अपने साइबर एक्सपर्ट को मैदान में उतार दिया है। इन्हें 'राजीव के सिपाही' नाम दिया गया है।
भाजपा ने उतारे 65000 योद्धा
भाजपा आइटी सेल के प्रमुख शिवराज डाबी के मुताबिक पार्टी ने प्रदेश में 65000 साइबर योद्धा तैनात किए हैं। हर बूथ पर एक योद्धा लगाया गया है। इसके अलावा जिले और मंडलस्तर पर भी 5000 युवाओं को लगाया जा रहा है।
ये लोग सोशल मीडिया के जरिए सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। संगठन के कार्यक्रमों को बूथस्तर की कमेटी तक लेकर जाएंगे, इसके अलावा एनीमेटेड वीडियो बनाकर कांग्रेस के नेताओं पर निशाना भी साधा जाने लगा है।
कांग्रेस तलाश रही 65000 सिपाही
प्रदेश कांग्रेस साइबर योद्धाओं से मुकाबले के लिए राजीव के सिपाही तैयार कर रही है। कांग्रेस आइटी सेल के प्रमुख धर्मेंद्र वाजपेयी के मुताबिक इसके लिए 4000 युवाओं को तैयार किया जा चुका है।
इनकी 25 जून से संभागस्तर पर ट्रेनिंग होगी। इसके अलावा पार्टी हर बूथ पर एक कार्यकर्ता तैनात कर रही है, जो सोशल मीडिया का काम करेगा।
इसके लिए कांग्रेस ने स्मार्टफोन वाले युवाओं की तलाश भी तेज कर दी है। इस तरह 65000 बूथ पर राजीव के सिपाही मुस्तैद हो जाएंगे। ये कार्यकर्ता सोशल मीडिया के जरिए किसानों की कर्ज माफी, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी , महिला अपराध पर कैरीकेचर और वीडियो बनाकर कांग्रेस का प्रचार करेंगे।
वाजपेयी कहते हैं कि इस बार के सोशल वार में कांग्रेस किसी भी तरह भाजपा से पीछे नहीं है। इसका असर भी बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा।