
Rajneesh Agarwal - मध्यप्रदेश में राज्यसभा के लिए भाजपा ने अपनी सूची जारी करते हुए दो उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। भाजपा ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार शाम को राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इनमें एमपी के दोनों उम्मीदवार भी शामिल हैं। भाजपा में कई दौर की बैठकों के बाद गुरुवार को राज्यसभा में प्रत्याशियों को लेकर अंतिम मुहर लगी। इस बार संगठन ने सवर्ण प्रत्याशी के रूप में दो चेहरों को मौका दिया है। सागर के रजनीश अग्रवाल दावेदारों की दौड़ में ही नहीं थे। बताया जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय सहित पार्टी के 3 दिग्गज नेताओं की तगड़ी दावेदारी थी। सभी वरिष्ठों के स्थान पर रजनीश अग्रवाल को तरजीह दी गई। राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा ने उन्हें संगठनात्मक क्षमता सहित 4 अहम वजहों से यह मौका दिया है।
बता दें, प्रदेश की 11 सीटों में भाजपा से अभी तक कोई सवर्ण सांसद नहीं थे। लिहाजा तरुण चुग और मप्र प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल भाजपा के दो सवर्ण चेहरे हैं। आदिवासी वर्ग के सुमेरसिंह सोलंकी का कार्यकाल खत्म होने के बाद राज्यसभा में मप्र से कोई आदिवासी सांसद नहीं रहेगा।
रजनीश अग्रवाल लंबे समय से संगठन में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। वे पार्टी में पर्दे के पीछे के संगठनात्मक रणनीतिकार भी माने जाते हैं। टिकट की रेस में दिग्गजों को पछाड़कर संगठन ने हार्डकोर कार्यकर्ता को मौका दिया है।
बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल सागर जिले से आते है। बुंदेलखंड भाजपा का मजबूत गढ़ भी है। राज्यसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सीमित रहा है। लिहाजा उन्हें दिल्ली भेजकर संगठन ने बुंदेलखंड के साथ ही वैश्य समाज को बढ़ाते हुए व्यापारी वर्ग के बीच भी पैठ बनाने की कोशिश की है।
दिल्ली ने प्रदेश से एक ही नाम मांगा था। यह तय था कि एक सीट पर केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व से मौका देकर संगठनात्मक योगदान व राष्ट्रीय रणनीति को महत्व दिया।