
धार में युवक ने सीएम मोहन यादव को रोका
CM Mohan Yadav - झाबुआ/धार. इंदौर से अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चंद्रशेखर आजाद नगर (भाभरा) की ओर सडक़ मार्ग से निकले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवार का सफर केवल एक सरकारी दौरा नहीं रहा, बल्कि स्थानीय संस्कृति, जनसरोकार और आत्मीयता से जुड़ी कई तस्वीरें छोड़ गया। कहीं उन्होंने झाबुआ के प्रसिद्ध 'दाल-पानिया'का स्वाद लिया, तो कहीं मांदल बजा रहे जनजातीय कलाकार के कंधे पर हाथ रखकर उसका उत्साह बढ़ाया। वहीं रास्ते में दो अलग-अलग स्थानों पर भुट्टा बेच रहे ग्रामीण और दिव्यांग युवक से भुट्टा खरीदकर उन्हें 500-500 रुपए देकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आत्मीयता का संदेश दिया। दिव्यांग युवक ने मुख्यमंत्री को आवाज लगाकर भुट्टा खाने का आग्रह किया था जिसे वे ठुकरा नहीं सके। वे कार से नीचे उतरकर युवक से मिले।
पहले कहा नहीं रुकेंगे… फिर बदल गया मन
मुख्यमंत्री दोपहर करीब दो बजे झाबुआ पहुंचे थे। प्रारंभिक सूचना थी कि उनका काफिला बिना रुके आगे बढ़ जाएगा, जिससे प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई लेकिन कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ने अपना निर्णय बदला और टूरिस्ट मोटल पहुंचकर झाबुआ के पारंपरिक व्यंजन 'दाल-पानिया' का स्वाद लिया। स्थानीय स्वाद के साथ उन्होंने जनजातीय अंचल की संस्कृति के प्रति अपना सम्मान भी व्यक्त किया।
टूरिस्ट मोटल में स्वागत के दौरान मांदल की थाप गूंज रही थी। मुख्यमंत्री ने वादन कर रहे एक वृद्ध जनजातीय कलाकार के पास जाकर उसके कंधे पर स्नेहपूर्वक हाथ रखा और उसका उत्साहवर्धन किया। उनका यह सहज व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए यादगार पल बन गया।
भोजन के बाद मुख्यमंत्री भगवान बिरसा मुंडा प्रतिमा स्थल पहुंचे, जहां छात्राओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर उनका स्वागत किया। इसी दौरान ग्रामीण कालू पारगी ने मुख्यमंत्री को सिका हुआ भुट्टा भेंट किया। मुख्यमंत्री ने भुट्टा स्वीकार करते हुए उन्हें 500 रुपए दिए और आत्मीयता से बातचीत कर आगे रवाना हो गए।
यात्रा के दौरान धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र स्थित ग्राम हातोद में एक और भावुक दृश्य देखने को मिला। सडक़ किनारे भुट्टा बेच रहे दिव्यांग युवक हिम्मत चौहान ने मुख्यमंत्री को आवाज लगाकर भुट्टा खाने का आग्रह किया। आवाज सुनते ही मुख्यमंत्री ने काफिला रुकवाया, वाहन से उतरकर हिम्मत के पास पहुंचे, उसके हाथ से भुट्टा खरीदा, पीठ थपथपाई, सिर पर हाथ फेरकर हौसला बढ़ाया और 500 रुपए देकर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता की वहां मौजूद लोगों ने खूब सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के पश्चात इंदौर जाने के लिए सड़क मार्ग से यात्रा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान कई स्थानों पर नागरिकों से भेंट की और उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क मार्ग से यात्रा के दौरान धार जिले के राजगढ़ में टी स्टॉल पर जाकर स्वयं चाय भी बनाई। उन्होंने चाय विक्रेता से उनके कार्य और व्यवसाय के संबंध में बातचीत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित नागरिकों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जाकर कुछ देर दुकान मालिकों और स्टाफ के सदस्यों से भी बातचीत की।
मुख्यमंत्री के सडक़ मार्ग से गुजरने की सूचना मिलते ही धार के जेतपुरा में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। भाजपा जिलाध्यक्ष नीलेश भारती सहित कई जनप्रतिनिधि इस दौरान मौजूद रहे। स्थानीय स्वाद, जनजातीय संस्कृति के सम्मान और आम लोगों से सहज संवाद की इन तस्वीरों ने मुख्यमंत्री के इस सडक़ दौरे को राजनीतिक कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर मानवीय संवेदनाओं से जुड़े एक यादगार सफर में बदल दिया।
Updated on:
24 Jul 2026, 8:27 AM IST
Published on:
24 Jul 2026, 7:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.