
Retired IAS Murder case update:भोपाल में रिटायर्ड आइएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में फरार आरोपी वरुण कुमार तक पहुंचने के लिए पुलिस अब उसके गले पर बने बिच्छू के टैटू को अहम सुराग मान रही है। आरोपी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। ऐसे में पुलिस उसके हुलिए, टैटू और फोटो के जरिए उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है। टीम ने आरोपी की फोटो, शारीरिक हुलिए और पहचान से जुड़ी जानकारी को पांच राज्यों में लुकआउट नोटिस जारी किया है। मध्य प्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में टीमें उसकी तलाश कर रही है। संदिग्ध ठिकानों और संभावित भागने के रास्तों पर आरोपी के फोटो वाले पर्चे भी बांटे जा रहे हैं, ताकि आम लोग उसे पहचान कर पुलिस को सूचना दे सकें।
वरुण कुमार की लोकेशन दिल्ली में फेस डिटेक्शन तकनीक के जरिए उसका चेहरा कैमरे में सामने आया था, लेकिन पुलिस अभी तक उसकी सटीक लोकेशन पता नहीं कर पाई है। इसके बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आरोपी की तलाश में 15 पुलिस टीमें लगाई गई हैं। उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और करीबी लोगों पर नजर रख रही है। हालांकि जांच में अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि भोपाल से भागने के बाद वरुण ने इनमें से किसी से संपर्क किया हो।
आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। ऐसा करने से उसका मोबाइल नेटवर्क और लोकेशन पुलिस की निगरानी में नहीं आ पाएगी। इसी वजह से पुलिस अब तकनीकी निगरानी के साथ-साथ फिजिकल पहचान, संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों से पूछताछ पर ज्यादा निर्भर है।
दिवंगत राकेश अग्रवाल को सोमवार को चार इमली स्थित ऑफिसर्स मेस में श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारी, अग्रवाल के परिजन, परिचित और शुभ चिंतक शामिल हुए। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
वरुण कुमार पहले पुणे में रह चुका है। रिकॉर्ड खंगालने पर अभी तक उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला सामने नहीं आया है। जांच में संकेत मिले हैं कि वह पहले छोटी-मोटी चोरियों में शामिल रहा हो सकता है।