बरगी क्रूज दु:खांतिका: हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज द्विवेदी 3 माह में देंगे रिपोर्ट 10 दिन बाद न्यायिक आयोग को हादसे की जांच, अब बनेगी एसओपी
मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध में क्रूज हादसे में एक दर्जन से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे थे। 30 अप्रेल को हुए इस हादसे के बाद कुछ छोटे कर्मचारियों को तो बर्खास्त तक कर दिया पर वरिष्ठ अफसरों का कुछ नहीं बिगड़ा। अब उनपर भी शिकंजा कसा जा रहा है। क्रूज हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए क्रूज हादसे की जांच न्यायिक आयोग को दे दी है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी मामले की जांच करेंगे और सरकार को तीन माह में जांच रिपोर्ट सौपेंगे।
राज्य में किसी सरकार ने पहली बार सभी बांधों और जल क्षेत्रों में चल रही नौकाओं, क्रूज, जल क्रीड़ा गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन के लिए एसओपी बनाने और विपरीत हालात में त्वरित बचाव करने वाले विशेष दल के गठन का निर्णय लिया है। ये काम भी आयोग की सिफारिश पर होंगे।
बता दें, क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हुई। प्रदेश सरकार ने क्रूज के पायलट सहित 3 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था, कुछ अन्य कर्मचारियों को निलंबित व स्थानांतरित कर दिया गया था।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने 'जांच आयोग अधिनियम, 1952' की धारा-3 के तहत यह आयोग गठित किया है। आयोग राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से तीन माह के भीतर अपनी जांच पूर्ण करेगा और रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत करेगा।
आयोग दुर्घटना के कारणों की सूक्ष्मता से जांच करेगा और उत्तरदायित्व का निर्धारण करेगा। इसके साथ ही, आयोग द्वारा दुर्घटना के दौरान और उसके उपरांत किए गए बचाव उपायों की पर्याप्तता तथा राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। आयोग राज्य में नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन और रखरखाव के लिए एक समान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP ) तैयार करेगा। राज्य में संचालित सभी नौकाओं, क्रूज और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करेगा और "इनलैंड वेसेल्स एक्ट, 2021" और "एनडीएमए बोट सेफ्टी गाइडलाइंस, 2017" के मानकों के अनुरूप जलयानों के प्रमाणीकरण की व्यवस्था करेगा। ऐसे सभी स्थानों पर, जहां नागरिक जल परिवहन, नौका, क्रूज एवं जल क्रीडा गतिविधियां संचालित की जा रही है वहां त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) के गठन की व्यवस्था के लिए भी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
हादसा क्यों हुआ। क्या कारण जिम्मेदार थे। किन अफसरों- कर्मचारियों की गलती थी। कमियों, लापरवाहियों के लिए जवाबदेही तय होगी।
हादसे के दौरान और हादसे के बाद शुरू किए राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करना, कहां कमियां रहीं, यह तय करना।
प्रदेश में चल रहीं सभी नौकाओं, क्रूज-जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट, इनलैंड वेसल्स एक्ट 2021, एनडीएमए बोट सुरक्षा गाइडलाइन 2017 के अनुरूप बांधों की प्रमाणीकरण की व्यवस्था देखना।
प्रदेश में नौकाओं, क्रूज-जल क्रीड़ा गतिविधियों के संचालन व रखरखाव के लिए एक समान मानक तय करने एसओपी बनाना।
ऐसे सभी स्थान जहां उक्त नागरिक गतिविधियां की जाती हैं, उनके लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल के गठन की व्यवस्था करना।
न्यायिक आयोग हादसे की गहराई से जांच करेगा
हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी को दिया जिम्मा
रिपोर्ट के लिए 3 माह की समय सीमा तय
बरगी हादसा क्यों हुआ, क्या कारण थे
अफसरों की गलती, कमियों, लापरवाहियों की होगी पडताल