
Bhopal news:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में फर्जी आइएएस तृप्ति सिंह राजपूत के खुलासे जारी हैं। उसके साथ वीडियो बनाते हुए यह कहने वाली दो लड़कियों कि हमारी हरकत देखकर कोई कहेगा कि आइएएस हैं। पुलिस को खुद को ठगी का शिकार बताया है। दोनों लड़कियां बैतूल की रहने वाली हैं। उन्होंने तृप्ति के साथ वीडियो शूट करते हुए प्रोबेशनर बताया था। पुलिस ने दोनों लड़कियों को खोज निकाला तो उन्होंने बताया कि तृप्ति ने खुद को प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका और सिविल सर्विस की कोचिंग देने वाली बताया था। उनसे भी आइएएस बनवाने और नौकरी दिलाने के नाम पर 3-3 लाख रुपए ठगे थे। इधर, बागसेवनिया पुलिस गुरुवार को तृप्ति को भाई सुधांशु सिंह के साथ चंदेरी से भोपाल लाई। उन्हें चार दिन की रिमांड पर लिया है।
तृप्ति के एक साथी को अशोकनगर पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान प्रखर उर्फ सानू सिंह (27), निवासी पीली कॉलोनी, गोमती नगर के रूप में हुई है। उसी ने अशोकनगर निवासी जय कुमार कोली को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भेजा था। मोबाइल में तृप्ति के साथ हुई चैट भी मिली है। आरोपी को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब अन्य आरोपियों तुनुज वैश्य और अंजली सिंह की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, तृप्ति ने कुछ साल पहले साकेत नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले छात्रों से बातचीत की थी। इस दौरान वह छात्रों को परीक्षा की तैयारी, लक्ष्य और करियर से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया था। उसने कुछ अन्य कोचिंग संस्थानों में भी सिविल सर्विस अभ्यर्थियों को लेक्चर दिए थे।
तृप्ति की शादी एक बड़े बिल्डर के बेटे से हुई है। बताया जा रहा है कि बिल्डर परिवार को तृप्ति के बारे में यह जानकारी दी गई थी कि प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका है। बाद में उसकी असली पहचान और पृष्ठिभूमि सामने आने के बाद ससुराल पक्ष से विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि तृप्ति ने ससुराल वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने की धमकी दी और पति से अलग हो गई।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि तृप्ति और उसके साथियों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है। चार दिन की रिमांड के दौरान पुलिस उसके संपर्कों, बैंक खातों, दस्तावेजों और ठगी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करेगी।